The Popatlal

सच्ची खबर देंगे पोपटलाल

ChhattisgarhMISC

प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति द्वारा निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, एमडी और एमएस के लिए फीस का निर्धारण

Spread the love

रायपुर। राज्य शासन द्वारा गठित प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति ने शैक्षणिक सत्र 2021-22, 2022-23 एवं 2023-24 के लिए निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, एमडी और एमएस के लिए अंतिम फीस का निर्धारण कर दिया है। समिति ने श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज जुनवानी, भिलाई में एमडी एवं एमएस के क्लिनिकल पाठ्यक्रम के लिए प्रति छात्र सालाना नौ लाख 98 हजार 954 रूपए की फीस निर्धारित की है। वहीं इनके प्रि-क्लिनिकल/पैरा-क्लिनिकल पाठ्यक्रम के लिए सात लाख 99 हजार 187 रूपए की फीस निर्धारित की गई है। रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज गोढ़ी भानसोज, रायपुर में संचालित एमडी व एमएस के क्लिनिकल पाठ्यक्रम के लिए प्रति छात्र प्रति वर्ष नौ लाख 31 हजार 484 रूपए तथा प्रि-क्लिनिकल/पैरा-क्लिनिकल पाठ्यक्रमों के लिए सात लाख 45 हजार 187 रूपए की फीस निर्धारित की गई है।

प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति के अध्यक्ष प्रभात कुमार शास्त्री ने बताया कि राज्य के तीन निजी मेडिकल कॉलेजों में संचालित एमबीबीएस पाठ्यक्रम और दो कॉलेजों में संचालित एसएस एवं एमडी (पीजी) पाठ्यक्रम के लिए पूर्व में अंतरिम फीस निर्धारित की गई थी। तीनों मेडिकल कॉलेजों के निरीक्षण तथा लेखा आदि की जांच, पड़ोसी राज्यों में प्रचलित फीस की दर, छत्तीसगढ़ की स्थिति, प्रति व्यक्ति औसत आय आदि तथ्यों पर विचार के बाद इन पाठ्क्रमों के लिए अंतिम फीस का निर्धारण किया गया है।

श्री शास्त्री ने बताया कि विगत 13 जनवरी को समिति के सदस्यों चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक डॉ. विष्णु दत्त, वित्त सदस्य श्री योगेश वर्ल्यानी और विधि सदस्य श्री सैय्यद अफसर अली की मौजूदगी में हुई बैठक में तीन मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस तथा दो मेडिकल कॉलेजों में एमएस व एमडी के लिए शैक्षणिक शुल्क को अंतिम रूप से निर्धारित किया गया है। तीनों संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि इस फीस में ही संपूर्ण शुल्क शामिल हैं। संस्थान यूनिफॉर्म, आईडी कॉर्ड, लैबोरेटरी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद, एनएसएस, भवन, फर्नीचर, उपकरण आदि मदों में कोई अतिरिक्त राशि नहीं वसूल करेंगे। विद्यार्थियों के लिए छात्रावास एवं ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा वैकल्पिक रहेगी। इनके लिए संस्थानों को ‘नो लॉस-नो प्रॉफिट’ के आधार पर शुल्क लेने के निर्देश दिए गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *