भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कई समझौतों पर लगी मुहर
नई दिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने वार्षिक शिखर सम्मेलन में रक्षा, समुद्री सुरक्षा, खुफिया सहयोग, सैन्य लॉजिस्टिक्स और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे अहम क्षेत्रों में कई बड़े समझौतों पर मुहर लगाई है। अब दोनों देशों की नौसेनाएं एक-दूसरे के बंदरगाहों का उपयोग कर सकेंगी, सैन्य सहयोग और संयुक्त अभियान मजबूत होंगे, जबकि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों पर साझा रणनीतिक नजर रखी जाएगी। दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ भी मिलकर काम करने और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया।
आर्थिक मोर्चे पर भारत और ऑस्ट्रेलिया ने लिथियम, कोबाल्ट और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर विकसित करने पर सहमति जताई है। माना जा रहा है कि इससे चीन पर निर्भरता कम होगी, वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी और भारत की औद्योगिक व रणनीतिक क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। इस साझेदारी को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलते सामरिक समीकरणों के बीच दोनों लोकतांत्रिक देशों की बड़ी रणनीतिक पहल माना जा रहा है।

