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राष्ट्रपति चुनाव: झामुमो के फैसले पर कांग्रेस की नजर

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रांची। राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को समर्थन के मुद्दे पर अब तक सत्तासीन गठबंधन में कांग्रेस, राजद के साथ शामिल झामुमो की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात के बाद मीडिया से कहा कि मुलाकात हुई, जो हुआ आपने देखा, इसे यहीं तक रहने दीजिए। बाकी ब्रेक के बाद।
आधिकारिक तौर पर इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया गया है, लेकिन सीएम की ओर से ब्रेक के बाद कहने के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि गृहमंत्री अमित शाह के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मुलाकात में जनगणना प्रपत्र में सरना धर्म कोड को शामिल करने, केंद्र से राज्य को मिलने वाली रायल्टी और केंद्रीय उपक्रमों द्वारा सरकारी भूमि पर खनन की एवज में 1.36 लाख करोड़ रुपए बकाया पर बात हुई है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने गृहमंत्री को झामुमो की भावना से अवगत कराया।
गृहमंत्री अमित शाह के साथ सीएम सोरेन की मुलाकात को राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए प्रत्याशी प्रौपदी मुर्मू के साथ झुकाव के रूप में देखा जा रहा है। आदिवासी केंद्रित राजनीति करने वाले झामुमो की शनिवार को पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन की अध्यक्षता में सांसदों, विधायकों की बैठक बेनतीजा रही। झामुमो के कुछ विधायक निजी तौर पर द्रौपदी मुर्मू के साथ होने की बात कह चुके हैं। इस बैठक में तय हुआ था कि राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को समर्थन का फैसला गृहमंत्री और कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात के बाद लिया जाएगा।
झामुमो राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भाजपा से बेहतर समन्वय स्थापित करेगा तो गठबंधन दल कांग्रेस से रिश्ते में तल्खी उभर सकती है। भाजपा विरोधी होने के कारण कांग्रेस और झामुमो साथ हैं। कांग्रेस की झामुमो के अगले कदम पर नजर है। आदिवासी केंद्रित राजनीति के कारण झामुमो की द्रौपदी मुर्मू के प्रति नरम रवैया को कांग्रेस स्वभाविक मान रही है। लेकिन झामुमो के बड़े कदम पर पार्टी फोरम में बात होगी।

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Sanjay Choubey Chief Editor