The Popatlal

सच्ची खबर देंगे पोपटलाल

ChhattisgarhMISC

पानी के लिए तरस रहे वार्डवासी, फिर भी पटा रहे टैक्स

Spread the love


खैरागढ़। वार्ड क्रमांक 1 पिपरिया में नगर पालिका ने वर्षों पहले नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन तो बिछा दी, घरों में नल कनेक्शन भी दे दिया और पानी टैक्स की वसूली भी कर रही है। लेकिन इन नलों से आज तक लोगों को पानी की एक बूंद भी नहीं ।
स्थानीय निवासी शबाना बेगम बताती हैं कि उनके मोहल्ले में वर्षों पहले पाइपलाइन डाली गई थी, लेकिन उसमें कभी पानी नहीं आया. पिछले सात-आठ सालों से उनका परिवार अपने खर्च पर टैंकर मंगवाकर पानी पी रहा है। उनका कहना है कि कई बार पार्षद और नगर पालिका से शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला, समाधान नहीं। मोहल्ले की प्रेमलता वर्मा के मुताबिक स्थिति इतनी खराब है कि लोगों को पानी के लिए दूसरे घरों और दूर के बोरिंगों का सहारा लेना पड़ता है। वे कहती हैं कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि वोट मांगने जरूर आते हैं, लेकिन उसके बाद वार्ड की समस्या किसी को याद नहीं रहती। सबसे ज्यादा नाराजगी इस बात से है कि पानी नहीं मिलने के बावजूद नगर पालिका नियमित रूप से टैक्स वसूल रही है।
वार्ड निवासी शेख इस्माइल बताते हैं कि वे पिछले सात वर्षों से पानी खरीदकर पी रहे हैं और अब तक करीब एक लाख सत्तर हजार रुपये सिर्फ पानी पर खर्च कर चुके हैं। उनका कहना है कि हर कुछ दिनों में टैंकर बुलाना पड़ता है, जिसका भारी खर्च उठाना पड़ता है। नगरपालिका का टैक्स समय पर जमा करना पड़ता है, बदले में सुविधा शून्य है। केवड़ा मारकंडे कहती हैं कि पानी लाने के लिए उन्हें अपने छोटे बच्चों को घर में बंद कर बाहर जाना पड़ता है। जहां कहीं किसी नल में पानी आता भी है, वहां पहले से ही इतनी कमी होती है कि दूसरे लोगों को पानी नहीं मिल पाता। यह समस्या कोई नई नहीं, बल्कि पिछले पंद्रह-सोलह वर्षों से बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदारों ने कभी ध्यान नहीं दिया। जब पाइपलाइन बिछ चुकी है, टैक्स वसूला जा रहा है और योजनाओं के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, तो आखिर पिपरिया वार्ड के लोगों तक पानी क्यों नहीं पहुंच पा रहा? उपेक्षा और परेशानी से नाराज वार्डवासियों ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द जलापूर्ति शुरू नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *