बीएनपी सरकार से तीन महीने में ही अल्पसंख्यक समुदाय के मंत्री ने दिया इस्तीफा
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की जीत और तारिक रहमान के सत्ता में आने के तीन महीनों के बाद सरकार को अचानक झटका लगा। BNP की जीत में चार अल्पसंख्यको का भी योगदान है। इसमें से दो को तारिक रहमान सरकार में मंत्री बनने का मौका मिला। निताई रॉय चौधरी, जोकि हिंदू हैं और दूसरे बौद्ध धर्म के अनुयायी दीपेन दीवान चकमा है। अब 3 महीने मंत्री रहने के बाद दीपेन दीवान चकमा ने चटगांव हिल ट्रैक्ट्स अफेयर्स के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है।
उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी अपनी शारीरिक परेशानियों का हवाला देते हुए पद छोड़ा है। दीपेन दीवान चकमा का त्यागपत्र प्रधानमंत्री ने स्वीकार भी कर लिया है।
प्रधानमंत्री तारिक रहमान के अतिरिक्त प्रेस सचिव अतीकुर रहमान रुमोन ने बताया कि मंत्री दीपेन दीवान ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान को अपना इस्तीफा दे दिया है और प्रधानमंत्री द्वारा उनके इस्तीफे को स्वीकार भी कर लिया है।
इस सम्बन्ध में मंत्री दीपेन दीवान चकमा के समर्थकों का कहना है कि मंत्री जी ने स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से नहीं बल्कि दबाव के कारण सिर्फ तीन महीने में इस्तीफा दिया है। अपने त्यागपत्र में मंत्री ने लिखा कि सरकार के विकास और सरकारी कामों की रफ्तार बनाए रखने में मदद के लिए पद से हटना जरूरी था।
उन्होंने अपने त्यागपत्र में लिखा है कि शारीरिक बीमारी की वजह से, मैं अपने पद की जिम्मेदारी निभाने में असफल महसूस कर रहा हूं। जिसके कारण सरकार के विकास और सरकारी कामों की रफ्तार बनाए रखने में अड़चनें आ रही है, इसलिए मैं अपना इस्तीफा दे रहे हैं। गौरतलब है कि मंत्री दीपेन दीवान वरिष्ठ संयुक्त जिला जज के पद से 2005 में सरकारी नौकरी से इस्तीफा देकर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी में शामिल हुए थे।

