वेदांता बॉयलर फटने से 25 की मौत का मामला उठा सदन में, मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने किया वॉकआउट
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज औद्योगिक दुर्घटनाओं का मामला जोर शोर से उठा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सक्ति जिले में स्थापित वेदांता संयंत्र में बॉयरल फटने के दौरान 25 लोगें के मौत का मामला उठाया और पूछा कि दुर्घटना के बाद कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल से पूछताछ के लिए टीम इंग्लैंड गई थी क्या? इस पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि कंपनी के डायरेक्टर अनिल अग्रवाल, अधिकारी अरुण मिश्रा, देवेंद्र पटेल, महेंद्र तथा अन्य के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है और कोई जानकारी नहीं छिपाई गई है। इस पर विधानसभा में तीखी बहस हुई और मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर कांग्रेस सदस्यों ने सदन से वाकआउट कर दिया।
प्रदेश के औद्योगिक संस्थानों में हुई दुर्घटनाओं की जांच और कार्रवाई को लेकर मंगलवार को प्रश्नकाल में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने बताया कि एक जनवरी 2024 से 31 मई 2026 तक प्रदेश के कुल 242 औद्योगिक संस्थानों में दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि सेफ्टी ऑडिट नहीं होने के कारण दुर्घटनाएं हुई हैं। नेता प्रतिपक्ष ने जानना चाहा कि कितने औद्योगिक संस्थानों में सेफ्टी ऑडिट कराया गया है? इस पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि वर्ष में एक बार थर्ड पार्टी सेफ्टी ऑडिट कराना नियम है। इसके अलावा संस्थानों में आंतरिक सेफ्टी ऑडिट भी कराया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि 76 संस्थानों में सेफ्टी ऑडिट कराया गया है। डॉ. महंत ने सक्ती स्थित वेदांता संयंत्र में बॉयलर फटने से 25 लोगों की मौत का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि कंपनी के लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है, लेकिन फैक्ट्री मालिक अनिल अग्रवाल के खिलाफ दर्ज प्रकरण की जानकारी छिपाई जा रही है। इस पर उद्योग मंत्री ने कहा कि कंपनी के अधिकारी अरुण मिश्रा, देवेंद्र पटेल, महेंद्र तथा अन्य के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि कोई जानकारी नहीं छिपाई गई है। डायरेक्टर अनिल अग्रवाल के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया गया है।
नेता प्रतिपक्ष के सवाल के जवाब में उद्योग मंत्री ने कहा कि बॉयलर के नीचे मजदूर बैठकर खाना खा रहे थे, तभी बॉयलर फट गया और मजदूरों की मौत हो गई। डॉ. महंत ने पूछा कि क्या अनिल अग्रवाल से पूछताछ के लिए टीम इंग्लैंड गई थी? इसके जवाब में उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रकरण की विवेचना चल रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। कांग्रेस सदस्य रामकुमार यादव ने कहा कि मृतकों के परिजनों और घायलों को मुआवजा देने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक मुआवजा नहीं मिला है। इस पर मंत्री ने कहा कि मुआवजा दिया जा चुका है।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि पहले भी औद्योगिक संस्थानों में दुर्घटनाएं हुई हैं, लेकिन किसी कंपनी के डायरेक्टर के खिलाफ प्रकरण दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने पूछा कि क्या अब बाकी मामलों में भी इसी तरह कार्रवाई होगी? इस पर उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रक्रिया के तहत जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि किसी और को फायदा पहुंचाने के लिए अनिल अग्रवाल का नाम लिया गया। उन्होंने पूछा कि क्या अनिल अग्रवाल की फैक्ट्री बिकवाने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है? इस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने आपत्ति जताई और दोनों पक्षों के बीच जमकर शोर-शराबा हुआ। पूरे मामले में उद्योग मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी कांग्रेस सदस्यों ने सदन से वाकआउट कर दिया।

