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15 लाख की सहायता से मल्टीपल मायलोमा पीड़ित किसान का सफल उपचार, प्रदेश में 25 लाख तक मिल रही सहायता

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रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना गंभीर एवं दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है। योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को महंगे उपचार के लिए अधिकतम 25 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे अनेक लोगों को नया जीवन मिला है।
इसी कड़ी में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड बलरामपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पस्ता निवासी 62 वर्षीय किसान श्री राजेंद्र प्रसाद को योजना के तहत 15 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत हुई। वे मल्टीपल मायलोमा (ब्लड कैंसर) जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। प्रारंभिक उपचार से लाभ नहीं मिलने पर उन्होंने रायपुर स्थित बालको मेडिकल सेंटर में जांच कराई, जहां कैंसर की पुष्टि हुई। महंगे उपचार का खर्च वहन करना परिवार के लिए संभव नहीं था।
जिला अस्पताल से मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने आवेदन किया। पात्रता के आधार पर 15 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत हुई, जिससे बालको मेडिकल सेंटर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनका सफल उपचार संभव हो सका। उपचार के बाद श्री राजेंद्र प्रसाद स्वस्थ होकर सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
श्री राजेंद्र प्रसाद ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि योजना का सहयोग नहीं मिलता, तो उनके लिए इतना महंगा उपचार कराना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना उनके जैसे अनेक जरूरतमंद परिवारों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है।
प्रदेश सरकार द्वारा गंभीर एवं दुर्लभ बीमारियों के उपचार में आर्थिक बाधाओं को दूर करने के उद्देश्य से संचालित इस योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को चिन्हित बीमारियों के इलाज के लिए अधिकतम 25 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में अब तक 104 मरीज इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। योजना न केवल जरूरतमंद मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध करा रही है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गंभीर बीमारी के संकट से उबारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह पहल प्रदेश में सुलभ, समावेशी और संवेदनशील स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में प्रभावी कदम के रूप में सामने आई है।

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