अग्निपथ के उपद्रव में कांग्रेसी एवं उनके मित्र दल ही है: शिवरतन शर्मा

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”संतोष सोनकर की रिपोर्ट”
राजिम।भाजपा द्वारा अग्निपथ को लेकर प्रेस वार्ता भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने लिया। कहा कि इसी सप्ताह हमने भारत पर थोपे गए आपातकाल की 47 वीं बरसी मनाई है, यह सप्ताह भारत के लोकतंत्र के लिए हमेशा स्मरण करने लायक है। साथ ही यह भी याद रखने लायक है कि भारत की सुरक्षा और लोकतंत्र के पक्ष में जो भी होगा ,कांग्रेस उसके खिलाफ होगी .
देश की सुरक्षा और लोकतंत्र के हित से जुड़ा हर विषय कांग्रेस के गले की हड्डी बन जाता है. भारत के तीनों सेनाओं को सशक्त करने के लिए लाई गई योजना ‘अग्निपथ ‘का प्रायोजित विरोध ,तोड़फोड़ ,ट्रेनों में भाजपा कार्यालयों में आग लगाना आदि कांग्रेस की उसी देश विरोधी मंशा को प्रकट करता है।
देशभर में जहां भी ‘अग्निपथ ‘के खिलाफ उपद्रव हो रहे हैं ,इसके पीछे कांग्रेस और उसके मित्र दल ही है, यह अनेक साक्ष्यों के साथ साबित हुआ है .हाल ही में कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने सीधे तौर पर बस्तर में यह आह्वान किया कि जैसा तोड़फोड़ बिहार में हो रहा है ,जिस तरह वहां गाड़ियां जलायी जा रही है ,वैसे ही छत्तीसगढ़ में भी होना चाहिए, इससे पहले कांग्रेसी नेता आसिफ मेमन ने एक फेसबुक पोस्ट कर प्रदेश भाजपा कार्यालय को जलाने का आहवान भी किया था. आपको यह भी याद होगा कि कुछ समय पहले कांग्रेस मुखिया राहुल गांधी ने विदेशों में जा कर यह कहा था कि केरोसिन छिड़का हुआ है।बस माचिस की तीली दिखाने की जरूरत है .भाजपा का यह स्पष्ट आरोप है कि देश भर में कांग्रेसियों ने यह तीली दिखा दिया है .चुनावी राजनीति से बुरी तरह पस्तऔर परास्त कांग्रेश अब इस तरह से उपद्रव कर देश पर कब्जा करने की कोशिश फिर से कर रही है ,इसके प्रति हम सबको सचेत रहना होगा।
जहां तक सेना का सवाल है, तो कांग्रेस हमेशा से सेना को कमजोर करने की कोशिश में लगी रही है. आप सब जानते हैं कि प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का स्पष्ट मानना था कि देश को सेना की जरूरत ही नहीं है. वे तो यह भी कहते थे कि सियाचीन में घास का एक तिनका तक नहीं उगता. आपको याद होगा कि मनमोहन सिंह जी की सरकार के दौरान बनाए सच्चर कमेटी ने बकायदा सेना को पत्र लिखकर यह जानकारी चाही थी कि सेना में कितने मुसलमान काम करते हैं. उसने धर्म आधारित आंकड़े सेना से लेना चाहा था जिसके जवाब में सेना का साफ़ कहना था कि उसके यहां केवल भारतीय काम करते हैं ना कि हिंदू -मुसलमान. एयरस्ट्राइक का सबूत मांगने वाली कांग्रेस के घड़ियाली आंसू को देश के युवा अब बेहतर समझने लगे हैं।
ऐसी सेना विरोधी कांग्रेसी अग्निपथ के खिलाफ जिस तरह की हरकत कर रही है, उसकी देशभर में निंदा होनी चाहिए .वह भारत में आग लगा कर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकना चाहती है. अग्निपथ स्कीम पर सबसे बड़े विरोध का कारण यह बताया जा रहा है कि 4 साल बाद जॉब्स नहीं होंगें। जबकि तथ्य यह है कि इस वर्ष के कुल 46 हजार लोगों की प्रस्तावित भर्ती में से 11500 यानी 25% सेना में ही स्थाई होंगे शेष 34500 अग्नि वीरों के लिए रक्षा मंत्रालय गृह मंत्रालय ,अर्द्ध सैनिक बलों राज्य पुलिस आदि में अवसर होंगे देश में 36 प्रदेश है इन सभी प्रदेशों में अग्नि वीरों के पास प वास्तव में रोजगार के इतने होंगे की अग्नि वीरों को ही तय करना होगा वह कहां जाना चाहते हैं उनके पास विकल्पों की कमी नहीं होगी।
सेना की औसत आयु 32 वर्ष से घटाकर 24 वर्ष हो जाएगी अमेरिका चीन ब्राजील इजरायल आदि दर्जनों ऐसे देश है जहां ऐसी ही व्यवस्था कर उन्होंने अपनी सेना को सुदृढ़ बनाया है। इस योजना से 4 गुना अधिक लोगों को सेना का हिस्सा होने का अवसर मिलेगा 21 से 25 वर्ष की उम्र में ही जब युवा आगे के बारे में सोच ही रहे होते हैं उसी समय देश के असली हीरो के पास न केवल भारतीय सेना जैसी विश्व स्तरीय संस्थान में काम करने का वर्षों का अनुभव हो गया होगा ना केवल उस उम्र में ही उनके भीतर देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भर चुकी होगी।
अनुशासित जीवन का अभ्यास उन्हें हो चुका होगा बल्कि 4 वर्ष के बाद उनके पास अनुभवों का और शिक्षा का भी प्रमाण पत्र साथ में लाखों रुपए भी होंगी जिसके सहारे वे आगे का अपना मार्ग प्रशस्त करेंगे उन्हें उचित मानदेय और सुरक्षा के साथ-साथ ऐसी ट्रेनिंग मिलेगी जिसके लिए बच्चों के पेरेंट्स उल्टे लाखों खर्च करते हैं क्योंकि इस योजना से देश के प्रति प्रतिबद्ध युवाओं की एक फौज देशभर में खड़ी हो जाएगी जाहिर है ऐसा होना कांग्रेश की राजनीति को कभी भी रास नहीं आता इसलिए अब अग्निपथ का विरोध कांग्रेश के लिए अस्तित्व का सवाल बन गया है इनके युद्ध की स्थिति में अपने ही देश को सरेंडर घोषित कर देने वाली कांग्रेश जैसे विपक्ष से आप इससे अधिक उम्मीद भी नहीं कर सकते हैं हालांकि देश के युवाओं को अब कांग्रेसी प्रभाव भी नहीं है देश भर से जिस तरह लाखों युवाओं ने तैयारियां शुरू कर दिया है जिस तरह हजारों हजारों ने रजिस्ट्रेशन भी करा लिया है।
सीएम भूपेश का यह कहना कि हथियार चलाना सीख लेने के बाद अग्निवीर अराजक हो जाएंगी भारत की महान सैन्य परंपरा का अपमान है आज भी हर राज्य में हजारों सेवानिवृत्त सैनिक है यह भी क्या अराजक हो गए हैं छत्तीसगढ़ के एक गांव में ही सबसे अधिक सेवानिवृत्त सैनिक रहते हैं क्या वह या वैसे सभी गांव अराजक करते पुलिस सेवा से निवृत्त होकर लाखों लोग समाज में आते हैं वह सभी अराजकता पैदा नहीं करती बल्कि समाज की साथी बन जाते हैं ।अगर देशभक्तों की फौज खड़ी हो गई तो कांग्रेस का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा उनकी अराजक और विभिन्न कार्य राजनीति की विरासत का खात्मा हो जाएगा यह सरकार ने वादे के बावजूद अभी तक युवाओं को रोजगार और बेरोजगारी भत्ता नहीं दिया युवाओं से किए अपने सभी वादों से बेशर्मी से मुकरते हुए विश्वासघात का उदाहरण प्रस्तुत किया है इस अवसर पर पूर्व सांसद चंदूलाल साहू, जिला अध्यक्ष राजेश साहू, पूर्व जिलाअध्यक्ष डॉ रामकुमार साहू, मंडल अध्यक्ष कमल सिन्हा , जितेन्द्र सोनकर, प्यारे लाल सोनकर,संजू चंद्रकार,रिकेश साहू आकाश राजपूत पूरन यादव सहित उपस्थित थे।

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