JPSC विवाद के बीच राजभवन का बड़ा फैसला, जाने क्या ?
झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले कुछ समय से छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा था। विरोध-प्रदर्शन और उठ रहे सवालों के बीच अब राजभवन ने बड़ा कदम उठाया है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राज्य सरकार की अनुशंसा पर JPSC के तीन सदस्यों—डॉ. अजिता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद—के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। इस संबंध में राजभवन की ओर से आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि JPSC की परीक्षा प्रक्रिया को लेकर छात्रों की जो शिकायतें और सवाल सामने आए हैं, उनका समाधान कैसे होगा? क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं में सिर्फ परीक्षा नहीं होती—इसके पीछे हजारों छात्रों की सालों की मेहनत, उम्मीद और भविष्य जुड़ा होता है। इसलिए छात्रों की मांग सिर्फ कार्रवाई तक सीमित नहीं है। वे चाहते हैं कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी हो और किसी भी उम्मीदवार के साथ अन्याय न हो। आने वाले दिनों में सरकार और JPSC इस मामले में क्या कदम उठाते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी।
