सुप्रीम कोर्ट ने अवैध खनन रोकने में नाकाम एमपी-राजस्थान सरकारों को लगाई फटकार
मध्यप्रदेश में अवैध खनन मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने चंबल अभ्यारण में बिना नंबर वाले वाहनों से रेत खनन होने पर सवाल उठाते हुए कहा कि अवैध खनन रोकने के लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता और विजय विश्नोई की बेंच ने मामले की सुनवाई की, जिसमें सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी (CEC) के सदस्य सीपी गोयल ने रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट के अनुसार धौलपुर, मुरैना और आगरा में निरीक्षण के दौरान अवैध खनन के प्रमाण और अपंजीकृत वाहनों से खनन होने की जानकारी मिली। सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को शपथ पत्र दाखिल कर जवाब देने के निर्देश दिए हैं, जिसमें उन्हें बताना होगा कि कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में उन्होंने क्या कदम उठाए। संबंधित विभागों के प्रमुख सचिवों को अगली सुनवाई में उपस्थित रहने का आदेश दिया गया है, और CEC की रिपोर्ट के आधार पर NHAI को भी प्रतिवादी बनाया गया है। मामले की अगली सुनवाई 20 मई को होगी।

