The Popatlal

सच्ची खबर देंगे पोपटलाल

MISCMadhya Pradesh

गुरुकुल की स्थापना और मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की मांग

Spread the love

मध्यप्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला में मंगलवार को आयोजित सत्याग्रह में काशी के सुमेर पीठ के शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती पहुंचे, जहां उन्होंने मां वाग्देवी (सरस्वती) की पूजा-अर्चना करने के बाद श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इंदौर हाईकोर्ट का फैसला और पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की रिपोर्ट सनातनियों के संघर्ष और साक्ष्यों की बड़ी जीत है और यह स्थान मूल रूप से एक ज्ञानस्थली, साधना स्थली और गुरुकुल था। उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणा का समर्थन करते हुए मांग की कि भोजशाला को भविष्य के शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए यहां गुरुकुल स्थापित किया जाए और लंदन के ब्रिटिश संग्रहालय से मां सरस्वती की मूल मूर्ति वापस लाई जाए, या फिर जनसहयोग से स्फटिक या ग्रेनाइट की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाए। साथ ही उन्होंने देश के करीब 4.75 लाख मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की मांग करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर एक स्वतंत्र सनातन बोर्ड और समिति बनाने की बात कही, ताकि मंदिरों की आय का उपयोग गुरुकुल, गौशाला और शिक्षा कार्यों में किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि गुलामी के प्रतीकों को समाप्त करने के लिए राज्य, जिला और शहर स्तर पर सर्वे कर ऐसे चिन्हों को शिक्षा और समाज से हटाया जाना चाहिए, ताकि भारत अपनी सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत कर सके।

Popatlal News

Sanjay Choubey Chief Editor