बस्तर की बदलती तस्वीर नक्सलवाद से विकास तक का सफर, नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ता संभाग
छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग, जो लंबे समय तक नक्सल हिंसा और पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था, अब विकास और बदलाव की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार के “विजन 2031” के तहत बस्तर को विकसित आदिवासी संभाग बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का फोकस नक्सलवाद से मुक्ति, सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित होने के बाद सड़क, स्कूल और विकास योजनाओं को गति मिलने का दावा किया जा रहा है। “नियद नेल्लानार योजना” के जरिए दूरस्थ गांवों तक बिजली, राशन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही आदिवासी परिवारों की आय बढ़ाने, वन उपज का बेहतर मूल्य, कृषि और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की योजनाएं बनाई गई हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़े कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि बस्तर के युवाओं और ग्रामीणों को बेहतर अवसर मिल सकें और क्षेत्र का समग्र विकास हो सके।

