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लाखों की रिश्वत का मामला, 6 महीने छिपने के बाद GST अधीक्षक ने किया आत्मसमर्पण

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मध्य प्रदेश के जबलपुर सेंट्रल जीएसटी डिविजन ऑफिस में हुए चर्चित CBI रिश्वतकांड में बड़ा अपडेट सामने आया है। पिछले छह महीने से फरार चल रहे जीएसटी अधीक्षक मुकेश बर्मन ने आखिरकार कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद कोर्ट ने उसे 2 जुलाई तक CBI रिमांड पर भेज दिया है। मामला 16 दिसंबर का है, जब CBI ने गौरीघाट रोड स्थित सेंट्रल जीएसटी ऑफिस में छापा मारकर असिस्टेंट कमिश्नर विवेक वर्मा और इंस्पेक्टर सचिन खरे को 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। कार्रवाई की भनक लगते ही मुकेश बर्मन फरार हो गया था और CBI लगातार उसकी तलाश कर रही थी। गिरफ्तारी से बचने के बाद जब उसकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई शुरू हुई, तो उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। यह मामला होटल व्यवसायी विवेक त्रिपाठी की शिकायत पर दर्ज हुआ था, जिसमें अधिकारियों पर 1 करोड़ रुपये की रिकवरी के नाम पर 10 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था। अब CBI रिमांड के दौरान मुकेश बर्मन से पूछताछ कर मामले में शामिल अन्य लोगों और पूरे रिश्वतकांड से जुड़े पहलुओं की जांच करेगी।

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