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अशोक बिरयानी व रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के खिलाफ दर्ज हुआ मामला

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रायपुर। धरसींवा के विधायक अनुज शर्मा मानसून सत्र के दूसरे दिन राज्य में सीवरेज वेस्ट टैंक/नाली एवं अन्य सफाई कार्य के दौरान कितनी गंभीर दुर्घटनायें घटित हुई तथा इन घटनाओं में कितने कर्मियों की मृत्यु अथवा घायल होने की सूचना मिली? है मामला उठाया। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण अरूण साव ने सदन को बताया कि जनवरी, 2024 से दिनांक 16/06/2026 तक राज्य में सिवरेज/वेस्ट टैंक/नाली एवं अन्य सफाई कार्य के दौरान 02 दुर्घटनायें घटित हुई तथा इन घटनाओं में 05 कर्मियों की मृत्यु अथवा घायल होने की सूचना मिली। घटित दुर्घटनाओं में मृत कर्मियों के परिजनों को निम्नानुसार सहायता राशि दी गई है जिनमें अशोका बिरयानी के संचालक द्वारा मृत कर्मी के परिजन को 15.00 लाख रूपये दिया गया एवं मृतक के आश्रित को मुख्य मंत्री स्वेच्छानुदान मद से 5-5 लाख रू. की सहायता राशि प्रदान की गई है। रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल द्वारा मृत कर्मी के प्रत्येक परिजन को 30.00 लाख रूपये दिया गया। रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में घटित घटना में रायपुर नगर निगम द्वारा तीन सदस्यीय अपर आयुक्त की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया गया है। दिनांक 19.04.2024 को अशोका बिरयानी (तेलीबांधा) के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया गया। दिनांक 18.03.2026 को रामकृष्ण केयर अस्पताल (पचपेड़ी नाका) के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया गया।
अनुज शर्मा ने फिर पूछा कि सफाई श्रमिकों को ऐसे जोखिम भरे स्थलों पर उतारने से पहले किस प्रकार के सुरक्षा मापदण्डों का पालन किये जाने का निर्देश है ? इस पर साव ने सदन को बताया कि सीवर एवं सेटिक टैंक की सफाई हेतु मानक संचालन प्रक्रिया/सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार निम्न सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिये गये हैं जिनमें कार्य प्रारंभ करने से पूर्व कार्य-स्थल का वेंटिलेशन तथा ऑक्सीजन, हाइड्रोजन सल्फाइड, कार्बन मोनोऑक्साइड एवं मीथेन गैस का परीक्षण अनिवार्य है। ऑक्सीजन स्तर 19.5 प्रतिशत से कम अथवा 21 प्रतिशत से अधिक होने की स्थिति में प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित है। पूर्ण व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (बॉडीसूट, हेलमेट, श्वसन उपकरण, सेफ्टी बेल्ट, दस्ताने, गमबूट एवं संचार उपकरण) धारण किए बिना प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।0 आपातकालीन स्थिति हेतु ट्राइपॉड-पुली प्रणाली, प्रथमोपचार पेटी, एम्बुलेंस एवं निकटतम चिकित्सा संस्थानों की सूची कार्य-स्थल पर उपलब्ध रहेगी तथा बैरिकेडिंग एवं यातायात नियंत्रण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।सफाई हेतु कर्मियों के नियोक्ता द्वारा सुरक्षा वस्त् गैस मॉनिटर, ऑक्सीजन किट, श्वसन उपकरण, ट्राइपॉड सेट सहित निर्धारित 20 प्रकार की सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराना अनिवार्य है। कार्य-स्थल पर संपूर्ण अवधि में न्यूनतम दो कर्मचारी (एक पर्यवेक्षक सहित) उपस्थित रहेंगे। ऑक्सीजन की कमी तथा विषाक्त दहनशील गैसों का परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाएगा तथा पर्यवेक्षक द्वारा कार्य प्रारंभ से पूर्व मैनहोल की सीढ़ी एवं दीवारों की स्थिति का निरीक्षण किया जाएगा। सीवर/नहोल के निकट धूम्रपान अथवा आग का उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। यातायात एवं पैदल यात्रियों की सुरक्षा हेतु अवरोधक लगाए जाएंगे तथा लगभग 500 फीट की दूरी से दृश्यमान झंडाधारी व्यक्ति की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की फीकल स्लज मैनेजमेंट संबंधी मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार सेप्टिक टैंक एवं सिंगल पिट शौचालयों की सफाई केवल मशीनी डिस्तजिंग वाहन द्वारा की जाएगी तथा मैनुअल प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। डिस्लजिंग वाहन के चालक एवं सहायक द्वारा व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (दस्ताने, सुरक्षा जूते, हेलमेट एवं मास्क) का उपयोग अनिवार्य होगा तथा गाद के संपर्क से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। डिस्लजिंग वाहनों का विधिवत लाइसेंस/पंजीयन अनिवार्य होगा। संचालन का पर्यवेक्षण ब्लॉक प्रबंधन समिति द्वारा किया जाएगा तथा आपातकालीन स्थिति में चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने एवं निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है।

Popatlal News

Sanjay Choubey Chief Editor

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