महाराजा अग्रसेन जयंती महोत्सव 2022 के तीन दिवसीय कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह

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रायपुर। महाराजा अग्रसेन जयंती महोत्सव 2022 के तीन दिवसीय कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में पूर्व मंत्री और विधायक बृजमोहन अग्रवाल शामिल हुए। ये कार्यक्रम राजधानी रायपुर के छोकरा नाला स्थित श्री अग्रसेन धाम में तीन दिन तक चलेगा। शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष राम गोपाल अग्रवाल और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल मौजूद रहे। इसके अलावा अग्रवाल सभा के अध्यक्ष विजय अग्रवाल, संरक्षक श्री नवल अग्रवाल और अग्रवाल महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती कविता गोयल, महामंत्री श्रीमती श्रद्धा अग्रवाल मौजूद रहीं।पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने अग्रसेन जयंती के अवसर पर उपस्थित सभी लोगों का अभिवादन करते हुए कहा कि हमारे पूर्वज अग्रसेन जी, जिनको हम भगवान मानते हैं, उनकी गाथा के ऊपर हमको विचार करने की जरूरत है। इस देश में तीर्थ स्थलों पर धर्मशालाएं हैं, दवाखाने हैं जो उन्होंने बनवाए थे। मगर नई पीढ़ी इस काम से दूर हैं। उन्होंने कहा कि हमारी नई पीढ़ी को ये प्रशिक्षित करना है। अभी हमको इस बात पर चिंता करनी चाहिए कि हमारे समाज के कोई बुजुर्ग, माता-पिता, दादा-दादी किसी को वृद्धाश्रम में जाने कि जरूरत पड़ रही है क्या? अगर पड़ रही है तो फिर हम अग्रसेन जी के वंशज नहीं हो सकते। आगे श्री अग्रवाल ने कहा कि हमारी सबसे बड़ी ताकत कोई है तो परिवार है और इस परिवार को जोड़ के रखना ये सबसे बड़ा काम है। हमको इस बात की चिंता करनी चाहिए कि हम अपने बच्चों को संस्कारित करें। अपने बच्चों को परिवार से जोड़ कर रखें। आजकल तो पहली क्लास से ही हम बच्चों को बाहर पढ़ने भेज देते हैं, कोई देहरादून कोई मसूरी कोई अमेरिका कोई इंग्लैंड। ऐसे बच्चे अपने मम्मी-पापा के अलावा दादा-दादी, नाना-नानी, काका-काकी, ताई-ताऊ को नहीं जानते। ऐसी परिस्तिथियों में उनसे उनका जुड़ाव नहीं होता, परिवार भाव पैदा नहीं हो पाता है। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवार किसी समाज में सबसे ज्यादा है तो अग्रवाल समाज में है। हमको अपनी पहचान को ज़िंदा रखने की जरूरत है। अपने बच्चों को संस्कारित करने की जरूरत है। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि समाज के गरीब तबके को समाज के कार्यक्रमों में शामिल करना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए रायपुर के 50 हज़ार लोगों को इकट्ठा करने की बात कही। कहा कि 50 नहीं तो 25, पच्चीस नहीं तो दस क्या ये हमारी कोशिश हो सकती है। और जिस दिन हमने समाज के दस हज़ार लोगों को भी इकट्ठा कर लिया उस दिन समाज की कोई अवहेलना कर नहीं पाएगा, हमको अपनी ताकत दिखाने की जरूरत है। श्री अग्रवाल ने आगे कहा मैं तीन कामों के बारे में हमेशा कहता हूँ कि गरीब की पढ़ाई, गरीब का इलाज और गरीब की शादी ये तीन काम, और जिस दिन समाज इन तीन कामों को करने लगेगा उस दिन समाज हमसे प्रभावित होगा। सभी को लगेगा कि समाज सिर्फ जयंती नहीं मनाता, वो समाज में कमजोर लोगों के लिए काम करता है और इसके लिए चाहे हमें स्कूल खोलना पड़े, चाहे अस्पताल खोलना पड़े, चाहे हमें गरीब बच्चियों की शादी के लिए कोई ब्यूरो बनाना पड़े। क्योंकि अग्रवाल अगर गरीब भी है तो स्वाभिमानी है, वो माँगने नहीं आता। बृजमोहन अग्रवाल ने अग्रसेन जी के संदेश के बारे में बताया कहा कि एक ईंट और एक रुपए के माध्यम से उनके राज में आने वाला हर व्यक्ति सुखी होता था। पहले हम समाज कि चिंता करें और देश के लिए कार्य करते रहें।

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