नौकरी से हटाए जाने के दौरान का वेतन नहीं मिलेगा, हाईकोर्ट का अहम फैसला
बिलासपुर हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी को आपराधिक मामले में दोषसिद्धि के आधार पर सेवा से बर्खास्त किया गया हो और बाद में वह अपील में बरी हो जाए, तो उसे केवल बरी होने के आधार पर बर्खास्तगी की अवधि का पूरा बकाया वेतन पाने का अधिकार नहीं होगा। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवीन्द्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने कहा कि ऐसे मामलों में “काम नहीं तो वेतन नहीं” का सिद्धांत लागू होगा। अदालत ने यह फैसला विद्युत मंडल के एक पूर्व कर्मचारी की अपील खारिज करते हुए सुनाया।

