हमारे पूर्वजों नें हमको दान धर्म एवं सेवा करने की शिक्षा दी है: बृजमोहन अग्रवाल

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कुनकुरी/जशपुर। अग्रवाल समाज के संस्थापक महाराजा श्री अग्रसेन जी की जयंती पर जशपुर में कई जगह भव्य जयंती समारोह का आयोजन हुआ। जिसमें पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल शामिल हुए। जशपुर के कुनकुरी में अग्रवाल नवयुवक समिति द्वारा अग्रसेन जयंती समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अवसर पर बृजमोहन अग्रवाल जी के साथ रायगढ़ की लोकप्रिय सांसद गोमती साय जी भी उपस्थित रहीं। वहीं दूसरा आयोजन श्री सनातन धर्मशाला, कांसाबेल में अग्रवाल सेवा समिति द्वारा किया गया। समिति के सदस्यों ने बाइक रैली निकालकर कार्यक्रम स्थल तक बृजमोहन अग्रवाल जी जिंदाबाद के नारे लगाए। साथ ही पटाखों व ढोल नगाड़ों की के साथ गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। दोनों ही आयोजनों में अग्रसेन जी के महान योगदानों को याद किया गया साथ ही वर्तमान अग्रवाल समाज से संबंधित नई संभावनाओं को लेकर मंथन भी हुआ।
कांसाबेल स्थित श्री सनातन धर्मशाला में जयंती समारोह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि समाज के लोगों को अपने काम-धाम के साथ-साथ, समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन भी करना चाहिए। हमारे पूर्वजों नें हमको दान धर्म एवं सेवा करने की शिक्षा दी है, हमारा भी कर्तव्य बनता है कि हम भी समाज के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की सहायता करें। अग्रसेन जी ने एक ईंट और एक रुपया देकर अपने राज में सबको सुखी किया।
श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि हमें केवल तीन कार्य करने की आवश्यकता है। पहला, गरीब की पढ़ाई। दूसरा, गरीब परिवार के लिए इलाज का इंतजाम और तीसरा, गरीब परिवार में बेटा-बेटियों की शादी। जिस दिन हम ये तीन काम करने की शुरुआत करेंगे, उस दिन हम अग्रसेन जी के सच्चे वंशज कहलाएंगे। ये तीन काम मंदिर बनाने से ज्यादा बड़े काम है। यह तीन काम हम करेंगे तो समाज भी संगठित होगा, लोग भी हमारे साथ जुड़ेंगे और सेवा का काम जब हम करेंगे तो हमको सम्मान भी प्राप्त होगा।
श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि पूरे विश्व में जहां-जहां मारवाड़ी गए हैं, वहां-वहां व्यापार के साथ उन्होंने वहां के विकास में योगदान देने का कार्य किया है। उन्होंने बताया कि हिंदुस्तान की जीडीपी में, हिंदुस्तान के आयकर में अगर सबसे ज्यादा योगदान देने वाले कोई लोग हैं, तो वो अग्रवाल समाज के लोग है। श्री अग्रवाल के कहा कि हमें अपने बच्चों में गर्व की भावना उत्पन्न करनी होगी। हमारे पूर्वज, अग्रसेन जी पन्द्रह वर्ष की आयु में महाभारत के युद्ध के दौरान भी सबके भोजन की व्यवस्था की, इसलिए हम लोग मेंजमेंट में भी माहिर अग्रसेन जी के वंसज हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने नाम के साथ अग्रवाल लिखने की शुरुआत करनी होगी, तब हमारी ताकत दिखेगी, आज हिंदुस्तान में पांच करोड़ अग्रवाल हैं। समाज को संगठित करना ये समाज का काम है। खाली अग्रसेन जयंती मनाने से काम नहीं चलेगा।
हमारे समाज की शक्ति ही परिवार है: बृजमोहन अग्रवाल
श्री सनातन धर्मशाला, कांसाबेल में पूर्व मंत्री व विधायक श्री बृजमोहन अग्रवाल ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर हम महाराजा अग्रसेन जी के बताए हुये रास्ते पर चलेंगे तो जीवन में हमें कोई तकलीफ नहीं होगी। हमारे बुजुर्ग अपनी कमाई में से एक अंश सेवा के कार्य में लगाते थे। देश के प्रमुख तीर्थशालों पर जिनते भी धर्मक्षेत्र या धर्मशालाएँ हैं वो किसी न किसी अग्रवाल के द्वारा बनाई गईं हैं। हमारे समाज की शक्ति परिवार हैं। हम सभी को गर्व करना चाहिए कि हम प्रभु राम के वंशज हैं। प्रभुराम के पुत्र कुश कि पीढ़ी के हम लोग हैं। आज हमें अपने पूर्वजों के बताए मार्ग पर चलकर समाज के गरीब वर्ग की सेवा का संकल्प लेने की आवश्यकता है।

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