पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का पार्थिव देह पंचतत्व में विलीन
दुर्ग। पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का पार्थिव देह पंचतत्व में विलीन हो गई। उनका अंतिम संस्कार उनके गृहग्राम गनियारी स्थित मुक्तिधाम में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उनके अंतिम संस्कार में हजारों लोग शामिल हुए उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार के दौरान लोक कलाकारों, शिष्यों और उपस्थित जनसमूह ने “चोला माटी के हे राम, एकर का भरोसा…” गीत गाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पूरा वातावरण गमगीन हो गया और हर आंख नम नजर आई। डॉ. तीजन बाई को उनके मंझले बेटे दिलहरण पारधी ने मुखाग्नि दी। इस दौरान उनके पति तुलसी राम देशमुख भी मौजूद थे। . बताया गया कि तीजन बाई की अंतिम इच्छा थी कि वे सुहागिन के रूप में ही इस दुनिया से विदा लें।
अंतिम दर्शन के लिए राजनीति और कला जगत की कई हस्तियां पहुंचीं। इनमें पद्मश्री उषा बारले, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत अनेक जनप्रतिनिधि, कलाकार और उनके शिष्य शामिल थे। सभी ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर छत्तीसगढ़ की इस महान लोक कलाकार को अंतिम प्रणाम किया।


