The Popatlal

सच्ची खबर देंगे पोपटलाल

ChhattisgarhMISC

ब्राम्हणपारा वार्ड में आरआरआर सेंटर नये स्वरूप में प्रारंभ

Spread the love

रायपुर। स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2025-26 अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम जोन कमांक 4 क्षेत्र के अंतर्गत ब्राम्हणपारा वार्ड क्षेत्र अंतर्गत धोबीपारा उद्यान के समीप सामुदायिक भवन में गुरुवार को आरआरआर सेंटर नये स्वरूप में प्रारंभ हो गया। महापौर मीनल चौबे ने इस नये स्वरूप वाले सेंटर का फीता काट उदघाटन किया।
इस नये स्वरूप वाले आरआरआर सेंटर में नगर निगम रायपुर द्वारा एक ई बैटरी वाहन उपलब्ध कराया गया है जो नगर निगम जोन क्रमांक 4 क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी 7 वार्डो में जाकर वहां से रहवासी नागरिकों के घरों से अनुपयोगी वस्तुएं संग्रह करके लाने का कार्य करेगा, जिन्हें समाज के जरूरतमंद नागरिकों को स्वच्छ भारत मिशन योजना स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2025-26 अंतर्गत उपलब्ध कराया जायेगा।

आरआरआर सेंटर में नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर महिलाओं के कल्याणार्थ सिलाई मशीन की व्यवस्था दी गई है। जिस पर महिलाएं कार्य कर रोजगारयुक्त हो सकेंगी एवं आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगी। यहां नये स्वरूप वाले आरआरआर सेंटर का संचालन धरोहर स्वसहायता समूह की पदाधिकारी महिलाओं के माध्यम से जनहित में योजना अंतर्गत किया जायेगा। साथ ही वहां बर्तन बैंक, झोला बैंक की व्यवस्था रखी गयी है। अलग – अलग आलमारियों के खंड़ों में पुराने कपड़ों , जूते -चप्पलों , इलेक्ट्रॉनिक सामानों, पुराने बर्तनों, पुराने प्लास्टिक सामानों अन्य पुरानी अनुपयोगी वस्तुओं को रखने की व्यवस्था दी गई है। जिससे नागरिकों को यहां नगर निगम जोन 4 के ब्राम्हणपारा वार्ड क्षेत्र में धोबीपारा उद्यान के समीप सामुदायिक भवन तक पहुंचकर अपने घरों की अनुपयोगी वस्तुओं को देना सहज और सरल हो सके। इससे पर्यावरण संरक्षण सहित जरूरतमंद नागरिकों तक उनके उपयोग की वस्तुएं सहजता से पहुंचायी जा सकेंगी।
महापौर मीनल चौबे ने बताया कि आरआरआर (रिड्यूज, रियूज, रिसायकल) ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की एक महत्वपूर्ण अवधारणा है, जिसका उद्देश्य कचरे को स्रोत पर कम करना, उपयोग योग्य वस्तुओं का पुन:उपयोग बढ़ाना तथा अपशिष्ट का पुनर्चक्रण कर संसाधनों का संरक्षण करना है। इसके माध्यम से लैंडफिल में जाने वाले कचरे में कमी आती है, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है और सर्कुलर इकॉनमी को मजबूती मिलती है। आरआरआर सेंटर इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जहाँ नागरिक अपनी उपयोग योग्य वस्तुएँ दान करते हैं, जिन्हें मरम्मत कर जरूरतमंदों को नि:शुल्क या न्यूनतम लागत पर उपलब्ध कराया जाता है। आरआरआर सेंटर में संग्रहित एवं मरम्मत की गई उपयोग योग्य वस्तुओं को जरूरतमंद नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *