खबर का हुआ असर, राजानवागांव के आरक्षक का ऑडियो वीडियो वायरल, रिश्वत मांगने वाले दो आरक्षक पर हुई कार्रवाई

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”दीपक ठाकुर की रिपोर्ट”

कवर्धा । राजानवागांव में पदस्थ एक आरक्षक अपने आप को आबकारी का स्टाफ बताकर पीड़ित बैगा से 7 हजार रुपए की मांग की गई साथ ही हर माह दो हजार रुपए बांधने दबाव बना रहा था। जिसका ऑडियो व वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधिकछक ने दो आरक्षक को निलंबित कर दिया है। यह खबर प्रसारित होने के बाद कार्रवाई की गई। तुरन्त 7 हजार रुपए देने की बात का पैसा देते वीडियो व पैसा का लेनदेन का ऑडियो वायरल होने से पुलिस विभाग पर बदनामी के दाग फिर लग रहे है।
जग्गू बैगा ग्राम चौरा (टेडगीमोहा) का निवासी है। खेती-किसानी एवं मजदूरी का काम करता है। दिनांक 20.02 2022 को आशीष वैष्णव आरक्षक थाना राजानवागांव आवेदक के घर में सुबह लगभग 12 बजे आया और धमकी देते हुए गाली दिया, बैगा जाति के दारू बनाते हो, आज ही बिना जप्ती के केस बना दूंगा, जेल भेज दूंगा नहीं तो 7000/- रू. अभी दो और 2000 रू. महीना जमा करो नहीं तो अभी थाना चलो। तब पीड़ित ने व्यवस्था कर 5000 रू. नगद दिया और 2000 रू. बाद में दूंगा कहा, तब कहा कि दोपहर तक 2000 रू. की व्यवस्था कर नहीं तो मैं थाना ले जाऊंगा। यह खबर प्रसारित होने के बाद दो जवानों को निलंबित कर दिया गया है।
आवेदक मजबूर हो गया और अपने गाँव के पंच रतन बैगा को बताया। रतन बैगा भी कहा कि कई लोगों से आबकारी पुलिस हूं कहकर रूपये वसूलता है। तुम उसको यहीं बुलाओ और बातचीत की टेप करो, पैसा देने का वीडियो बनाकर शिकायत करेंगें तब आवेदक ने आरक्षक से मोबाइल से बात कर रिकार्ड किया। 2000 रूपये देते वीडियो बनाया है। आरक्षक को जानकारी हुई की आवेदक कार्यवाही करने वाला है तो दोनों ने सरपंच पति रतन बैगा से संपर्क कर मामला दबाने के लिये दबाव बनाने लगे। इसके बाद आये दिन आरक्षक बार-बार आकर रूपये की मांग करते है। नहीं देने पर झूठे मामले में औरतों को भी फंसा देंगे कहकर धमकाया जा रहा। जिससे आवेदक एवं पूरा परिवार दहशत में है। कभी भी किसी भी झूठे आरोप में फंसा सकते है। इसलिए आवेदक के पास वीडियोग्राफी की गई और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौपकर कार्रवाई की मांग की गई इसके बाद पुलिस अधिकारी ने कार्रवाई की है।

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