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सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर 34 लोगों से डेढ़ करोड़ की ठगी

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रायपुर। सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर 34 लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर 1.5 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले दो आरोपियों को रायपुर ग्रामीण पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी राजेश शर्मा सरकारी शिक्षक हैं और दूसरा आरोपी मनोज कुमार श्रीवास्तव प्रायवेट स्कूल में क्लर्क है।
जानकारी के अनुसार, प्रार्थी राजपाल बघेल ने 24 अप्रैल को राखी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सामान्य प्रशासन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के नाम से 5 मार्च का एक फर्जी आदेश निकाला गया, जिसमें परिवहन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा स्कूल शिक्षा विभाग में अभ्यर्थियों की नियुक्ति संबंधी अनुशंसा दर्शायी गई थी। इसे सोशल मीडिया (व्हाट्सएप) के माध्यम से प्रसारित किया जा रहा है।
आदेश में सचिव एवं उप सचिव के डिजिटल हस्ताक्षर का दुरुपयोग किया गया था। साथ ही उक्त फर्जी आदेश के माध्यम से अज्ञात व्यक्ति द्वारा लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे अनाधिकृत रूप से धन की मांग एवं वसूली की जा रही है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना राखी में अपराध क्रमांक 76/2026 धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण तथा नगर पुलिस अधीक्षक नवा रायपुर के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई।
तकनीकी साक्ष्यों का संकलन करते हुए तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (व्हाट्सएप) के माध्यम से प्रसारित फर्जी आदेश के स्रोत का पता लगाते हुए अज्ञात आरोपी की पहचान राजेश शर्मा उर्फ राजू के रूप में की गई, उसकी उपस्थिति डोंगरगढ़ में पाई गई। टीम ने डोंगरगढ़ पहुंचकर आरोपी राजेश शर्मा को पकड़कर पूछताछ की। उसने बताया कि कर्ज चुकाने के लिए लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी की योजना बनाई। .

इसमें उसने अपने साथी मनोज कुमार श्रीवास्तव को भी शामिल किया। दोनों आरोपियों ने सामान्य प्रशासन विभाग के नाम से कंप्यूटर में फर्जी नियुक्ति आदेश तैयार किया, जिसे राजेश शर्मा ने अपने मोबाइल के जरिए व्हाट्सएप पर प्रसारित कर कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया।
जांच में पता चला कि आरोपियों ने भिलाई निवासी एक महिला से नौकरी लगाने के नाम पर 1,90,000 रुपए की राशि ली थी, जिसे बाद में वापस कर दिया गया। शिकायत मिलने के बाद आरोपी ने फर्जी आदेश को प्रसारित करना बंद कर दिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कंप्यूटर एवं प्रिंटर जब्त कर उनके विरूद्ध प्रकरण में धारा 319(2), 336(3), 3(5) भारतीय न्याय संहिता एवं 66(डी) आईटी एक्ट की धाराएं जोड़कर कार्रवाई की गई।

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