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नगर निगम में सवा दो करोड़ का टैंकर घोटाला, 6 कंपनियों ने एक ही रेट किया कोट

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रायपुर। नगर निगम रायपुर में टैंकर से पानी सप्लाई के ठेके में भारी गड़बड़ियां पाई गई। नगर निगम द्वारा किये भुगतान दस्तावेज के मुताबिक पिछले दो सालों के 150 लाख के टेंडर में 373 लाख का भुगतान ठेका कम्पनियों को निगम ने किया है। इस मामले में 6 अलग-अलग ठेका कंपनियों ने एक ही रेट कोट किया था। इन सभी कंपनियों को एल वन मानकर ठेका दे दिया गया है। इनमे मेसर्स केशव प्रसाद पांडेय, मेसर्स प्रज्ञा कंस्ट्रक्शन, मेसर्स परिमल कश्यप
मेसर्स अरविंद सिंह ठाकुर, मेसर्स प्रवीण दीक्षित और मेसर्स रफीक अहमद, रायपुर आदि शामिल हैं।

2025 में जोन-वार किया गया भुगतान। जोन-2: तीन टैंकर का 15.98 लाख, जोन-3: आठ टैंकर का 30.29 लाख, जोन-4: दो टैंकर का 6.97 लाख,
जोन-5: 10 टैंकर का 29 लाख, जोन-6: दो टैंकर 3.92 लाख, जोन-7: दो टैंकर 7.37 लाख, जोन-8: आठ टैंकर 38.80 लाख,
जोन-9: 15 टैंकर 63.12 लाख और जोन-10: तीन टैंकर 11.53 लाख आदि शामिल हैं।
इस तरह नगर निगम ने एक करोड़ के ठेका में दो करोड़ 5 लाख का भुगतान किया है। 2024 में 50 लाख रुपये के टेंडर में 1.68 करोड़ रुपये (168.46 लाख) का भुगतान किया गया, प्रति टैंकर 495 रुपये की दर से भुगतान हुआ है।
नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने आरोप लगाया है कि निर्धारित ठेका राशि से 2.23 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है। एक करोड़ रुपये के टेंडर में दो करोड़ पांच लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। यह अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि 2025 में टैंकर से पानी सप्लाई के लिए एक करोड़ रुपये का ठेका हुआ था। एक करोड़ के टेंडर में दो करोड़ पांच लाख रुपये का भुगतान किया गया है। इसमें ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत है। इसकी तत्काल जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई करते हुए एक करोड़ पांच लाख रुपये की रिकवरी की जानी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि कई वर्षों से सिर्फ छह ही कंपनियां लगातार यह ठेका हासिल कर रही हैं। सभी कंपनियों ने एक ही रेट कोट किया और एक ही समय पर टेंडर आवेदन जमा किया है। इसकी भी जाँच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाये कि क्या केवल इन्हीं 6 लोगों के द्वारा सिंडिकेट बनाकर नगर निगम में कार्य किया जाएगा? इन सभी निविदा कर्ताओं के रेट ओर तारीख भी एक है। विगत कई वर्षों से केवल इन्ही 6 लोगों को कार्य कैसे दिया जा रहा है? इन 6 लोगों के अलावा कोई और ठेकेदार क्यों नहीं सामने आया? क्या इन 6 का भी मालिक कोई एक ही ठेकेदार है, यह भी एक बड़ा सवाल है ?

इस सम्बन्ध में महापौर मीनल चौबे ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच की जाएगी और जमा किए गए दस्तावेजों का दोबारा सत्यापन कराया जाएगा। उन्होंने कहा टेंडर में निर्देश दिया गया था कि किसी भी क्षेत्र में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। कम राशि के टेंडर बार-बार करने की बजाय अतिरिक्त भुगतान होने की संभावना है। अब इसमें सुधार किया जाएगा। सभी कंपनियों द्वारा एक ही रेट देने के बारे में कहा कि हो सकता है। आपस में बात करके टेंडर भरा गया हो।

Popatlal News

Sanjay Choubey Chief Editor

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