दमोह में फर्जी MBBS डिग्री रैकेट का खुलासा, NHM से आईटी असिस्टेंट गिरफ्तार
मध्य प्रदेश के दमोह जिले में शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में फर्जी एमबीबीएस (MBBS) डिग्री के सहारे नौकरी हासिल करने वाले बड़े रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भोपाल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कार्यालय से आईटी असिस्टेंट आदिल खान को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन कथित डॉक्टरों को रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद जेल भेज दिया गया है। जांच में सामने आया कि दमोह के संजीवनी हॉस्पिटल में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी और प्रैक्टिस की जा रही थी, जिसमें पहले दो फर्जी डॉक्टरों सचिन यादव और राजपाल गौर की गिरफ्तारी हुई, इसके बाद तीसरे आरोपी डॉक्टर अजय मौर्य को भी पकड़ा गया। इनसे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने मास्टरमाइंड रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर हीरा सिंह कौशल को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर फर्जी डिग्रियां तैयार करता था। वहीं अब जांच में भोपाल NHM के आईटी असिस्टेंट आदिल खान का नाम सामने आया है, जिस पर सरकारी सिस्टम में नियुक्तियों और आदेशों से जुड़े कामों में सहयोग देने का संदेह है। हालांकि आदिल खान ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा है कि उसका काम केवल वेबसाइट पर वैकेंसी और आदेश अपलोड करना था और उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया है, ताकि इस पूरे रैकेट से जुड़े अन्य लोगों का भी खुलासा किया जा सके।

