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मंगलसूत्र घोटाले पर लीपापोती, यह महिलाओं के सम्मान के खिलवाड़: संगीता सिन्हा

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बालोद। कांग्रेस ने मनेंद्रगढ़ चिरमिरी जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत हुए 184 जोड़ों के विवाह में मंगलसूत्र घोटाले का आरोप लगाया है। महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एवं संजारी बालोद विधायक संगीता सिन्हा ने इस घटना को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, यह महिलाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस आरोप को गलत बताया।
कांग्रेस अध्यक्ष संगीता सिन्हा ने कहा कि भाजपा सरकार में इस तरह की अनेक घटनाएं सामने आ रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्री ने मंगलसूत्र के लॉकेट को चांदी का होना बताया, लेकिन बेटियों का कहना है कि चैन तो गिलेट का है। लॉकेट को जब चेक कराया गया तो बताया गया कि उसमें चांदी का पानी चढ़ा हुआ था। उन्होंने राज्य की जनता के लिए इसे दुर्भाग्यजनक बताया।
संगीता सिन्हा ने कहा सरकार का जनता के विश्वास पर खरा नहीं उतरना दुर्भाग्यजनक है। एक मंगलसूत्र की राशि 15 हजार के हिसाब से 27 लाख रुपए होता है और ये 17-18 हजार में निपटा दिए। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। इसमें शामिल सभी अधिकारी और मंत्रियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
गौरतलब है कि सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों को सम्मान के साथ विवाह सहायता प्रदान करना है। लेकिन रतनपुर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह के बाद जब हितग्राहियों ने मिले आभूषणों की जांच कराई तो उसकी वास्तविकता सामने आ गई। पीड़ित नवविवाहिताओं का आरोप है कि उन्हें सोना-चांदी के नाम पर गिलेट के आभूषण दिए गए। यह केवल आर्थिक धोखा नहीं बल्कि उनके सम्मान और भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। नवविवाहिताओं का कहना है कि उन्हें बताया गया था कि शादी में सोना-चांदी के आभूषण मिलेंगे, लेकिन बाद में पता चला कि वे नकली हैं। हमारे साथ धोखा हुआ है, दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

निर्धारित निर्देशों और वित्तीय प्रावधानों का किया गया पालन
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 10 फरवरी 2026 को खड़गवां विकासखंड के चनवारीडांड में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत कुल 184 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया था। कार्यक्रम में शासन द्वारा निर्धारित सभी दिशा-निर्देशों और वित्तीय प्रावधानों का पालन किया गया।

योजना के तहत प्रति कन्या 50 हजार रुपये की सहायता राशि का प्रावधान है, इसमें से 35 हजार रुपये सीधे हितग्राही के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से अंतरित किए जाते हैं। शेष राशि से विवाह आयोजन, भोजन, आवास, वस्त्र, श्रृंगार सामग्री सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जाती हैं। कार्यक्रम में प्रति विवाहित जोड़े के लिए 20 अतिथियों के भोजन, वर-वधू के वस्त्र, चांदी के बिछिया-पायल, श्रृंगार सामग्री और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया गया था। विभागीय अधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार निर्धारित वित्तीय सीमा के भीतर ही सामग्री वितरित की गई। चांदी के बाजार मूल्य बढ़ने के कारण स्वीकृत प्रावधानों के अनुरूप कृत्रिम मंगलसूत्र दिए गए थे।

साथ ही, यदि किसी सामग्री की गुणवत्ता में कमी मिली तो संबंधित फर्म पर प्रति हितग्राही 100 रुपये की दर से कुल 18 हजार 400 रुपये की कटौती की गई। प्रति कन्या 1000 रुपये सीधे हितग्राहियों के खातों में अंतरित किए गए। इस प्रक्रिया के तहत कुल 36 हजार रुपये सीधे खातों में जमा हुए और 14 हजार रुपये विवाह आयोजन व अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च किए गए।

Popatlal News

Sanjay Choubey Chief Editor

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