राजिम में स्वामी आत्मानंद विद्यालय खोलने की मांग

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“संतोष सोनकर जर्नलिस्ट”

राजिम । प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत गरीब बच्चों को भी अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देने का प्रयास सार्थक हो रहा है इसी तारतम्य में ब्लॉक मुख्यालय में यह विद्यालय खोले गए हैं। गरियाबंद जिला के लगभग सभी ब्लॉक में विद्यालय संचालित है। जिसमें छात्र-छात्राएं लाभान्वित हो रहे हैं। राजिम हालांकि ब्लॉक मुख्यालय नहीं है परंतु फिंगेश्वर ब्लॉक को राजिम फिंगेश्वर के नाम से संबोधित किया जाता है। राजिम प्राचीन नगरी के साथ-साथ इनका विस्तार लंबे चौड़े आकार में है राजधानी रायपुर के बाद शिक्षा ग्रहण करने के लिए सीधे लोग राजिम आते हैं। प्राचीन समय से यह शिक्षा का केंद्र रहा है। संस्कृत विद्यालय के अलावा स्थानीय सरकारी एवं निजी विद्यालय मौजूद है परंतु गरीब तबके के लोगों की तमन्ना होती है कि वह भी अपने बच्चे को अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में भर्ती कराएं। मोटी फीस एवं डोनेशन के चलते वह पढ़ा नहीं पा रहे हैं ऐसे में एक उम्मीद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल खोला गया है। यह स्कूल शहर से 17 किलोमीटर दूर फिंगेश्वर में संचालित है। आने जाने में ही वाहन शुल्क देने में अच्छे अच्छों के पसीने छूट रहे हैं। जिस समय यह स्कूल खुले लोगों की मांग थी कि राजिम में खोला जाए लेकिन नहीं खोला गया। अब पुनः यहां के पालकगण मांग कर रहे हैं कि शीघ्र राजिम में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश हिंदी मीडियम स्कूल खोला जाए। यदि राजिम में व्यवस्था नहीं बनती है तो राजिम से लगे हुए किसी गांव में इन्हें खोलने के इंतजाम छत्तीसगढ़ सरकार या फिर जिला प्रशासन द्वारा की किया जाए। इस संबंध में पालक संतोष सोनकर, पुरुषोत्तम सेन, मोहन पटेल, भीखम सोनकर, भुनेश्वर सिन्हा, फलेश्वर यादव, तुला राम साहू, राम कुमार देवांगन, गोकुल साहू, दीपक श्रीवास, महेंद्र पटेल, दीनदयाल पटेल, संजय साहू, विजय निषाद आदि ने प्रदेश की स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम एवं विधायक अमितेश शुक्ला से शीघ्र स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी हिंदी मीडियम स्कूल खोलने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि तेजी से बढ़ती महंगाई के चलते अधिकांशतः देखा गया है कि पालक शुरू शुरू में अपने बच्चे को इंग्लिश मीडियम स्कूल में भर्ती तो करा देते हैं परंतु साल भर 6 महीने बीतने के बाद ही वहां अपने बच्चे को वहां से निकालने की लगते हैं और बच्चे की पढ़ाई डूबते जहाज जैसी हो जाती है। वर्तमान में स्वामी आत्मानंद स्कूल की पढ़ाई लोगों को रास आ रही है और अपने बच्चे को इसी स्कूल में भर्ती कराने की सोच रखते हैं वैसे राजिम तहसील मुख्यालय हैं साथ ही इन्हें अनुविभाग का दर्जा भी प्राप्त है। इस लिहाज से यहां शिक्षा ग्रहण करने के लिए न सिर्फ आसपास के सैकड़ों गांव के लोग आते हैं बल्कि पड़ोस के धमतरी जिला तथा रायपुर जिला से भी बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं राजिम के स्कूल कॉलेज के ऊपर निर्भर है। गरियाबंद जिला का सबसे पुराना नगर पंचायत राजिम है। जनसंख्या की दृष्टिकोण से भी काफी समृद्ध है क्षेत्र के लोगों ने सत्र 2022 – 23 से ही स्वामी आत्मानंद इंग्लिश हिंदी मीडियम स्कूल खोलने की मांग की है।

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