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मनरेगा डबरी बना सहारा, किसान रामचरण डबरी से सब्जी उत्पादन और मछली पालन का भी ले रहे लाभ

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कोरबा। विकासखण्ड पाली के ग्राम पंचायत करतला निवासी रामचरण की कम बारिश होने से फसल नुकसान की चिंता दूर हो गई है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत रामचरण के खेत में बनाये गये डबरी से फसलों को जलापूर्ति हो रही है। डबरी के बन जाने से रामचरण को सिंचाई के लिए पानी की कमी नहीं हो रही है। साथ ही डबरी ने किसान को दो फसल लेने के लिए सहारा प्रदान किया है। डबरी से सिंचाई का साधन तो प्राप्त हुआ ही है, डबरी में मछलीपालन करने किसान का आत्मविश्वास भी जगाया है। मनरेगा के तहत बनाए गये डबरी फसलों को सिंचाई सुविधा देने के साथ मछली पालन का भी काम आ रहा है। किसान रामचरण अपने लगभग चार एकड़ के खेत में बारिश के सीजन में धान का फसल ले रहे है। रबी सीजन में सब्जी उत्पादन करके अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं। किसान रामचरण डबरी के पानी से रबी सीजन में गेहूं, मक्का और सूरजमुखी का भी फसल लेने की योजना बना रहे हैं। खेत में डबरी निर्माण होने से डबरी के पानी से खेतों में सिंचाई के द्वारा धान, सब्जी एवं मछली पालन कर रामचरण सफलता पूर्वक जीवन यापन कर आमदनी प्राप्त कर रहे हैं।
किसान रामचरण ने बताया कि डबरी निर्माण के पहले पानी की समस्या होने से खेती-किसानी के काम में आत्मविश्वास नहीं बढ़ पाता था। बारिश कम होने से उसके मन में फसल नुकसान होने का हमेशा डर लगा रहता था। कृषक मित्र ने उन्हें बताया कि मनरेगा योजना के तहत खेत में डबरी निर्माण कर सिंचाई की सुविधा के साथ आय को भी बढ़ा सकते हैं। यह बात उन्हें अच्छी लगी और अधिकारियों से संपर्क कर योजना के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने भी रामचरण को डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया। मनरेगा के तहत रामचरण के खेत डबरी का निर्माण किया गया। खेत में डबरी निर्माण हो जाने से वर्षा के पानी को एकत्र कर उन्होंने अपने खेतों के सिंचाई के लिए पानी का उपयोग कर खरीफ और रबी दोनों सीजन में फसल ले रहे हैं। दोनों सीजन में फसल लेने से रामचरण की आमदनी भी बढ़ गई है और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। डबरी निर्माण से खेत के आसपास का जल स्तर में भी बढ़ोत्तरी हुई है। जिला पंचायत के सीईओ कुंदन कुमार ने बताया कि रामचरण के खेत में 20 बाय 20 का डबरी निर्माण किया गया है। उनके खेत में डबरी निर्माण के लिए एक लाख 50 हजार रूप्ए की स्वीकृति थी। खेत में डबरी निर्माण से ग्रामीणों को रोजगार मिला है। डबरी निर्माण में 729 मानव दिवस रोजगार का सृजन हुआ है। एक ओर डबरी के बन जाने से किसान लाभान्वित हो रहे हैं वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों को भी गांव में रोजगार मिल जा रहा है।
”बीएन यादव की रिपोर्ट”

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