रावघाट खदान का लाल पानी खेतों के लिए बना मुसीबत
नारायणपुर। रावघाट खदानों से निकला लाल पानी अब नारायणपुर के गांवों की चिंता बन गया है। पहली बारिश के साथ ही खोड़गांव समेत कई गांवों के खेत, रास्ते और घर लाल कीचड़ से पट गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन परियोजना के लिए बनाई गई जल निकासी व्यवस्था अधूरी पड़ी है। इस कारण खदानों का अपशिष्ट सीधे खेती और आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। 20 से 30 किसानों की कई एकड़ कृषि भूमि प्रभावित होने की बात सामने आई है। किसानों को मिट्टी की उर्वरता खत्म होने और उत्पादन घटने की चिंता सता रही है। लाल पानी नालों के रास्ते जलस्रोतों तक पहुंच रहा है, जिससे पर्यावरणीय खतरा भी बढ़ गया है। दूसरी ओर 23 गांवों के युवाओं ने रोजगार और मूलभूत सुविधाओं को लेकर नारायणपुर में प्रदर्शन किया। युवाओं का कहना है कि खनन शुरू होने से पहले किए गए वादे अब तक अधूरे हैं। ग्रामीणों में यह भावना गहराती जा रही है कि संसाधन तो क्षेत्र से निकल रहे हैं, लेकिन लाभ नहीं पहुंच रहा। पहली बारिश ने परियोजना से जुड़े कई सवाल फिर सामने ला दिए हैं।
