नक्सलियों के चंगुल से रिहा होकर गांव पहुंचा प्यून ने बताया पुरी आपबीती,जाने पूरी खबर
बीजापुर । जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्यून को 12 नवंबर की देर शाम नक्सलियों ने अपने चंगुल से रिहा कर दिया है। जिला मुख्यालय में अपने परिवार के बीच पहुंचने के बाद भी प्यून लक्ष्मण प्रतागिरी काफी डरा हुआ है। उसने डरी सहमी आवाज में ही 13 नवंबर को प्यून ने बताया कि नक्सलियों ने रात लगभग 8:30 बजे उसे लौकी की सब्जी और भात (चावल) खिलाया था। आंखों में पट्टी बांध कर यहां वहां घुमाते रहे। उसके बारे में पूछताछ भी की। लेकिन किसी तरह से उसे प्रताड़ित या फिर पिटा नहीं गया है। लक्ष्मण ने बताया कि, मुझे और सब इंजीनियर को गोरना गांव से ही अलग-अलग कर दिया गया था। हमें पकड़ने के लिए जो नक्सली आए थे, वो महज 20 से 25 की उम्र के ही थे। आंखों में पट्टी बंधी होने की वजह से लक्ष्मण को यह नहीं मालूम कि नक्सली उसे किस दिशा की ओर लेकर गए थे। उतार-चढ़ाव रास्ता पार करने के बाद किसी एक जगह उन्होंने उसे रोका, फिर गोरना गांव आने का कारण पूछा गया। इस बीच रात में खाना खिलाया और रात के अंधेरे में जंगल-जंगल घुमाते रहे। पूरी पूछताछ के बाद नक्सलियों ने लक्ष्मण को 12 नवंबर की शाम रिहा कर दिया था।

