सिंधौरी के सड़क का पानी घर में,विभाग नाली निर्माण को भूले

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“संतोष सोनकर की रिपोर्ट”

राजिम। शहर से लगा हुआ गांव सिंधौरी में वित्तीय वर्ष 2018-19 के अंतर्गत गांव के शीतला मंदिर से लेकर राधा कृष्ण मंदिर तक लगभग 600 मीटर कंक्रीटकरण कर सड़क बनाया था। इनके बनने के बाद दाएं बाएं जितने भी मकान बने हैं सब नीचे हो गए। कोई कोई घर कुछ ऊपर भी है कभी सड़क का पानी घरों में आ जाते हैं तो कहीं पर घर का पानी सड़क पर ठहर जाता है जिसके कारण सड़कें खराब हो रही है। गंदे पानी घर में घुसने से लोग परेशान हैं जैसे ही बरसात होती है बस्ती का गंदा पानी घरों में चले जाते हैं बिना बरसात भी निस्तारी का गंदा पानी फैल जाता है जिससे आने जाने वाले लोगों को परेशानी होती है। बताया जाता है कि जिस समय सड़क का निर्माण किया गया, उसी समय नाली निर्माण भी किया जाना प्रस्तावित था इनके लिए भी सरकार के द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किया गया था पूरा कार्य पीडब्ल्यूडी विभाग के देखरेख में हुआ ठेकेदार ने मात्र सड़क कंक्रीटीकरण किया उसके बाद बोरिया बिस्तर उठा कर चलते बना जबकि लोगों को आश्वासन देते रहे कि नाली का निर्माण भी किया जाना है। पिछले चार सालों से ग्रामवासी नाली निर्माण की बाट जोह रहे हैं। वार्ड पंच पार्वती वर्मा, रोहिणी ध्रुव, लखनलाल वर्मा, अमरलाल निषाद, दीपा निर्मलकर, हेमन यादव, खेमलता साहू, एणु वर्मा, रामेश्वर वर्मा, संजय कुमार ध्रुव, लिलेश कुमार साहू खोमीन वर्मा, धनेश्वरी वर्मा ने बताया कि सड़क के दोनों और पक्की नाली का निर्माण ठेकेदार द्वारा कराया जाना था परंतु प्रस्तावित नाली का उन्होंने निर्माण ही नहीं कराया। वर्तमान में सड़क के किनारे जिन ग्रामीणों का मकान व बाड़ी है दरवाजा के सामने मुरूम व मिट्टी डालकर सड़क लेवल के बराबर ऊंचाई बढ़ा लिया है इससे सड़क पर घरों में निकलने वाला पानी जगह-जगह सड़क किनारे गंदे पानी का भराव हो गया। निकासी ना होने के कारण कीचड़ हो गया है तथा नमी होने से सड़क जगह-जगह टूट रहे हैं। इसकी मरम्मत की नितांत आवश्यकता है। उल्लेखनीय है कि यदि नाली के लिए प्रशासकीय स्वीकृति मिली थी तो फिर निर्माण क्यों नहीं किया गया यह सोचनीय विषय बन गया है। इस संबंध में सरपंच लीला देवांगन पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ से नवंबर 2020 में मिलकर शीघ्र नाली निर्माण कराने की आवेदन दिए थे परंतु इस पर 2 वर्ष बीतने के बाद भी अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। सरपंच प्रतिनिधि लक्ष्मीनाथ देवांगन ने बताया कि एक महीना पहले पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों से मिलकर नाली निर्माण की बात रखी थी तब उन्होंने अलग से राशि स्वीकृति कराने के लिए प्रस्ताव चला गया है कहकर वापस लौटा दिया। इस संबंध में पूर्व सरपंच सोहन वर्मा ने बताया कि इनका ठेका बाहर के ठेकेदार ने लिया था वह सड़क बनाकर चले गए। नाली का निर्माण ही नहीं कराया। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ ए एस सिंह ने बताया कि उस समय के अधिकारियों को इस पर ध्यान देना चाहिए था। ग्रामीणों ने किया शीघ्र नाली निर्माण की मांगनाली नहीं होने के कारण गंदे पानी से लोग परेशान हैं। आने जाने वाले को विकट परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है तो निस्तारित गंदे पानी की बदबू से लोग नाक बंद कर आगे बढ़ते हैं क्या करें आखिरकार घर तो जाना ही पड़ेगा। कहना होगा कि अनुविभागीय मुख्यालय राजिम से सिधौरी ग्राम पंचायत लगा हुआ है। विकास की पहिया हर जगह घूम रही है परंतु यह गांव अभी तक छूटा हुआ है अदना सा नाली निर्माण ना होना लोगों को खल रही है ग्राम वासियों ने शीघ्र नाली निर्माण की मांग की है। In

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