The Popatlal

सच्ची खबर देंगे पोपटलाल

ChhattisgarhMISC

दूल्हा-दुल्हन ने अंगारों पर चलकर पूरी कीं विवाह की रस्में

Spread the love

रायगढ़। दूल्हा-दुल्हन ने जलते अंगारों पर चलकर विवाह की रस्में पूरी कीं। यह परंपरा नई नहीं है। यह सदियों से आदिवासी समाज में चली आ रही है, जिसे आज भी पूरी आस्था और विश्वास के साथ निभाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर स्थित बिलासपुर गांव में राठिया परिवार के गंधेल गोत्र में यह अनोखी परंपरा आज भी जीवित है। शादी के बाद जब दुल्हन को घर लाया जाता है, तो घर के देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना के बाद मंडप में जलते अंगारे बिछाए जाते हैं। इसके बाद दूल्हा-दुल्हन के साथ परिवार के सदस्य नंगे पांव इन अंगारों पर चलकर रस्में पूरी करते हैं।
परंपरा के अनुसार, मंडप में बकरे की बलि देने के बाद घर के मुखिया पर देवता आने की मान्यता है। इसके बाद वे नाचते-गाते मंडप में अंगारे बिछाते हैं और पूरे अनुष्ठान का नेतृत्व करते हैं। इस दौरान दूल्हा-दुल्हन समेत कई लोग अंगारों पर चलते हैं। इस दौरान किसी को कुछ होता नहीं है।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि इस दौरान कई लोग उपवास रखते हैं और पानी तक ग्रहण नहीं करते। दुल्हन के घर आने के बाद सबसे पहले एक बकरे की बलि देकर उसके खून से तिलक लगाया जाता है, फिर घर में प्रवेश कराया जाता है। इसके बाद मंडप में दूसरी बलि दी जाती है और फिर अंगारों पर चलने की रस्म पूरी होती है।
गांव के बुजुर्गों के अनुसार, यह परंपरा कई पीढ़ियों से चली आ रही है। हर शादी में इस रस्म को निभाना अनिवार्य माना जाता है। ग्रामीणों का मानना है कि अगर यह परंपरा नहीं निभाई गई, तो देवी-देवता नाराज हो सकते हैं और परिवार पर विपत्ति आ सकती है।
इस अनोखी शादी को देखने के लिए न केवल गांव, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। जलते अंगारों पर चलते दूल्हा-दुल्हन का यह दृश्य लोगों के लिए कौतूहल और आस्था का केंद्र बना हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *