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राज्य में जनगणना 2027 का प्रथम चरण पूर्ण, दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा शुरू

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रायपुर। भारत और छत्तीसगढ़ राज्य के विकास की ठोस नींव तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित राष्ट्रीय अभियान भारत की जनगणना 2027 का प्रथम चरण छत्तीसगढ़ में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। राज्य के सभी जिलों, तहसीलों, गांवों और नगरीय क्षेत्रों में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का फील्ड कार्य 1 मई 2026 से शुरू होकर 30 मई 2026 को कुशलता एवं शांतिपूर्वक पूरा कर लिया गया। निदेशक, जनगणना कार्य छत्तीसगढ़ ने इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में राज्य के नागरिकों द्वारा दिए गए अभूतपूर्व सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है।
मोबाइल ऐप से जुटाए गए 33 प्रश्नों के जवाब
प्रथम चरण के दौरान प्रगणकों ने घर-घर जाकर प्रत्येक मकान और उसमें रहने वाले परिवारों से भारत सरकार द्वारा अधिसूचित 33 प्रश्न पूछे। ये प्रश्न मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं और उनकी परिसंपत्तियों से संबंधित थे। सभी जानकारियां मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप से संकलित की गई हैं, जो अब भारत सरकार के सर्वर में पूरी तरह सुरक्षित हैं।
डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा का भरोसा
प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि आम नागरिकों द्वारा दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियमावली 1990 के प्रावधानों के तहत पूर्णत: गोपनीय रखी जाएंगी। इन आंकड़ों का उपयोग केवल नीति निर्माण और जनकल्याणकारी योजनाओं को तैयार करने के लिए किया जाएगा। संपूर्ण जनगणना प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत सरकार द्वारा तय समय पर ये आंकड़े जारी किए जाएंगे।
आंकड़ों में छत्तीसगढ़ जनगणना (प्रथम चरण)
राज्य में इस विशाल अभियान को अंजाम देने के लिए बड़े स्तर पर प्रशासनिक ढांचा तैयार किया गया था। 33 जिले, 195 नगरीय निकाय, 252 तहसीलें और 19 हजार 978 गांव पूर्ण रूप से कवर किए गए। कुल 251 ग्रामीण चार्ज और 221 नगरीय चार्ज बनाए गए थे, जिनके तहत 48 हजार 754 मकान सूचीकरण गणना ब्लॉक तैयार किए गए। इस कार्य में कुल 62 हजार 500 अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इनमें 47 प्रमुख जनगणना अधिकारी (33 जिला कलेक्टर एवं 14 नगर निगम आयुक्त), 250 जिला स्तरीय अधिकारी और 472 चार्ज अधिकारी, 60 मास्टर ट्रेनर्स और 1,100 फील्ड ट्रेनर्स, 52 हजार 705 प्रगणक और 9 हजार 319 पर्यवेक्षक शामिल रहे।
फरवरी 2027 में होगा दूसरा चरण
प्रथम चरण (मकानसूचीकरण) का मुख्य उद्देश्य द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) के लिए एक सटीक ढांचा (फ्रेम) प्रदान करना है, ताकि अगले चरण में कोई भी मकान या परिवार गणना से न छूटे। जनगणना 2027 का द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। जनगणना निदेशालय ने उम्मीद जताई है कि दूसरे चरण में भी राज्य की जनता का ऐसा ही सक्रिय सहयोग मिलता रहेगा।

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