शहर के आत्मानंद स्कूल में अभी तक शिक्षकों की व्यवस्था नहीं,मात्र 12 स्टाफ के भरोसे 14 कक्षाएं संचालित ,कई विषय के पीरियड ही नहीं होते, छात्रों की पढ़ाई प्रभावित

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”संतोष सोनकर की रिपोर्ट”
राजिम । शहर के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम पंडित रामबिशाल पांडे उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा लगे हुए 20 दिन गुजर गए पर अभी तक मात्र आठ ही शिक्षक उपस्थित हो पाए हैं। दो शिक्षक व्यवस्था के तहत तथा दो प्रयोगशाला शिक्षक है। इस तरह से मात्र 12 शिक्षकों के भरोसे पहली से लेकर 12वीं तक की कक्षाएं संचालित है। कई ऐसे महत्वपूर्ण विषय है जैसे कि अंग्रेजी, हिंदी, सामाजिक विज्ञान आदि विषयों की पढ़ाई ही नहीं हो रही हैं। शिक्षा विभाग अभी तक शिक्षकों की व्यवस्था कर पाने में नाकाम रहा है जो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। बच्चे जब स्कूल से घर आते हैं तो अपने पालकों से यह बात जरूर कहते हैं कि हमें पढ़ाने के लिए अभी तक टीचरों की व्यवस्था नहीं हो पाई है ऐसे में हम क्या करें। बताना होगा कि गरियाबंद जिला से इस सत्र में मात्र एक स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय राजिम में खुला है। शिक्षकों की व्यवस्था करने की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की है। एक सितंबर से कक्षाएं संचालित है तब से लेकर आज तक छात्र-छात्राएं व पालक शिक्षकों की मांग करते आ रहे हैं परंतु जिम्मेदार अधिकारी इस दिशा में अभी तक स्टाफ पूरी नहीं कर पाए हैं नतीजा बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
चूंकि दसवीं, बारहवीं बोर्ड एग्जाम है। फरवरी से बोर्ड परीक्षा शुरू हो जाती है। इस क्लास के बच्चों को खूब तैयारी करनी पड़ती है एक-एक अध्याय को रटना पड़ता है तो कहीं पर हल करना पड़ता है और दिन-रात पढ़ाई में ही पूरी समय गुजारते हैं। तब कहीं जाकर तैयारी पूरी होती है लेकिन सबसे बड़ी विडंबना है कि गरियाबंद जिला में जिला शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कक्षा शुरू हुए 20 दिन गुजरने के बाद भी शिक्षकों की व्यवस्था नहीं कर पाई है। ऐसी स्थिति में बच्चे क्या करेंगे। एक बच्चे ने बताया कि अंकल अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई ही नहीं हो रही है। हम परीक्षा में क्या लिखेंगे। ऐसे में तो हमारा यह वर्ष व्यर्थ चला जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। एक बच्चे ने बताया कि हिंदी की पढ़ाई नहीं हो रही है। जिस भी बच्चे से पूछो वह शिक्षकों की कमी बता रहे हैं। जानकारी के आधार पर तमाम शिक्षकों की भर्ती संविदा आधार पर हो रही है। प्रतिनियुक्ति आधार पर कोई शिक्षक यहां नहीं लिए गए हैं। नए शिक्षक आ नहीं रहे है। इससे छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकारमय होने जा रहा है। बताना होगा कि गत 10 सितंबर को जिला पंचायत सदस्य रोहित साहू निरीक्षण में आत्मानंद विद्यालय गया।तब छात्रों ने उन्हें शिक्षकों की व्यवस्था कराने का निवेदन किया। उन्होंने 12 सितंबर सोमवार को जिलाधीश कार्यालय में कलेक्टर से मिलने की बात कही थी। उन्होंने बताया कि जिला पंचायत के बैठक में भी शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया था। जिसमें शीघ्र शिक्षक समेत अन्य सारी व्यवस्था करने की बात कही थी। कहना होगा कि आखिरकार इन छात्रो के भविष्य के साथ कब तक खिलवाड़ होता रहेगा।

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