The Popatlal

सच्ची खबर देंगे पोपटलाल

Uncategorized

आश्रम में दो दिनों से बीमार आदिवासी छात्र की मौत, निगरानी व्यवस्था पर सवाल

Spread the love

कांकेर। अंतागढ़ विकासखंड के सारंडी आश्रम में एक 15 वर्षीय आदिवासी छात्र की बीमारी से मौत हो गई। घटना के समय आश्रम अधीक्षक वहां मौजूद नहीं थे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच कर रही है।
छात्र दो दिनों से अस्वस्थ था और अपने साथियों के साथ आरोग्य स्वास्थ्य केंद्र गया था। वहां उसकी मलेरिया और टाइफाइड की जांच की गई। उसे अस्पताल में भर्ती करने के बजाय दवा देकर वापस भेज दिया गया। छात्र की तबीयत दिन-ब-दिन बिगड़ती गई। बावजूद इसके उसे उच्च स्तरीय अस्पताल रेफर नहीं किया गया। रात में छात्र आश्रम में सो गया, लेकिन सुबह जब उसके साथियों ने जगाने की कोशिश की तो वह नहीं उठा। उसके साथियों ने रसोइयों को सूचना दी, जिन्होंने आश्रम अधीक्षक को जानकारी दी।
कांकेर के अंदरूनी इलाके में हुई इस मौत ने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति उजागर की है। छात्र को लगातार दो दिन दवा देने के बाद भी उसकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल क्यों नहीं भेजा गया, यह बड़ा सवाल है। यदि मौत का कारण मलेरिया की पुष्टि होती है, तो यह दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर चिंता का विषय है।
आश्रम की निगरानी व्यवस्था पर सवाल: घटना के समय आश्रम अधीक्षक रात में आश्रम में नहीं थे, बल्कि अपने घर चले गए थे। उनकी अनुपस्थिति को लेकर भी प्रश्न उठ रहे हैं। इस घटना ने आश्रमों में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए हैं। एक आदिवासी छात्र की असमय मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *