ऑटो व बसों में पाकिटमार सक्रिय,महिला का रुपयों से भरा पर्स पार
दुर्ग।दुर्ग जिले में इन दिनों ऑटो,बसों में पाकेट मार सक्रिय है। शहर में उठाईगिरी,पाकेटमारी की घटनाएं लगातार सामने आ रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार को टंकी मरौदा चौक से आटों में बैठकर सुपेला जा रहे एक व्यक्ति पाकिटमारी का शिकार हो गया। उसने बताया कि वह ऑटो में बैठकर पावरहाउस जा रहा था। ऑटो चालक ने उसे सुपेला क्रासिंग के पहले ही उतार दिया व कहा कि वह आगे नही जाएंगा। गाड़ी खराब है। वह आटों से उतरकर आगे जाने के लिए दूसरी ऑटो में बैठना लगा तब आटो चालक ने उसे पहले जेब चेक करने को कहा। जेब चेक करने पर उसके पैकेट में रखा 800 रुपये नही था। तब उसे जेब कटने का पता चला। व्यक्ति ने बताया कि वह टंकी मरौदा से आटों में बैठा तब तीन लोग पहले से ही बैठे हुए थे,कुछ दुर पहुंचने के बाद वे सीट बराबर नही बैठा है ठीक करने की बात कहकर चलती आटों में बार—बार उसे आगे पीछे करने लगे। इसी दौरान उसके पाकिट से पैसा निकाल लिये,लेकिन उसे पता नही चला। जब उसे पाकिटमारी का पता चला तब वह उन्हें खोजने लगा लेकिन आटों चालक अपने साथियों के साथ फरार चुका था। ऐसी ही एक घटना शनिवार को दुर्ग बस स्टैण्ड में आरक्षक की पत्नी के साथ हुई है।राजनांदगांव न्यूपुलिस लाइन निवासी आरक्षक कार्तिक देशलहरे की पत्नी लक्ष्मी देशलहरे (37 वर्ष) उठाईगिरी की शिकार हो गई। वह अपने बच्चों के साथ राजनांदगांव से मायके सुपेला कंट्रेक्टर कालोनी भिलाई आई थी। शनिवार को वह राजनांदगांव जाने के लिए दुर्ग बस स्टैंड से बस चढ़ी उसी समय उसके हैंड बैग से 35 हजार रुपए से भरा पर्स पार हो गया।लक्ष्मी देशलहरे ने दुर्ग पुलिस में शिकायत दर्ज करायी है कि वह अपने तीन बच्चों के साथ शनिवार को सुबह करीब 11.45 बजे राजांदगांव जाने दुर्ग बस स्टैंड से बस बैठी। उन्होंने तीनों बच्चों को बस में चढ़ाया। हैंड पर्स गले में टागी थी। एक कपड़े का झोला भी लिया था। हैंड बैग में एक छोटे पर्स रखी थी। उसी पर्स में 35 हजार रुपए रखा था। बस में बैठने के दौरान हैंड बैग से 35 हजार रुपए से भरा पर्स पार हो गया।
‘‘संजय चौबे”

