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शिक्षा विभाग की उदासीनता से शिक्षक भर्ती प्रक्रिया ठप्प, शिक्षित वर्ग है परेशान: रंजना साहू

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”वैभव चौधरी की रिपोर्ट”

धमतरी। छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र में जिले के शासकीय प्राथमिक शाला, शासकीय माध्यमिक शाला, शासकीय हाई स्कूल एवं शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में स्वीकृत पद नियुक्ति तथा भर्ती प्रक्रिया पर विधायक रंजना साहू ने आदिम जाति विकास मंत्री से तारांकित प्रश्न करते हुए पूछा कि शिक्षा विभाग में शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में प्राचार्य, प्रधानाचार्य, व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक एवं भृत्य के कितने पद स्वीकृत किए गए हैं? कार्यरत एवं रिक्त पदों की जानकारी मांगते हुए विधायक ने शिक्षा विभाग द्वारा रिक्त पदों पर नियुक्ति हेतु विज्ञापन एवं भर्ती प्रक्रिया की जानकारी चाही जिसपर विभागीय मंत्री ने कार्यरत शिक्षकों की जानकारी देते हुवे जवाब दिया कि व्याख्याता, शिक्षक एवं सहायक शिक्षक संवर्ग भर्ती हेतु 9 मार्च 2019 को विज्ञापन जारी किया गया था, जिसमें भर्ती प्रक्रिया प्रक्रियाधीन का जवाब दिए, जिस पर विधायक ने कहा कि शिक्षा विभाग की लेटलतीफी के कारण बहुत से स्कूलों में शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हुए हैं, भर्ती प्रक्रिया की धीमी गति से आज पर्यंत तक अनेकों स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई है, जिससे अनेकों शिक्षित वर्ग बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं, शिक्षित वर्ग को रोजगार मुहैया कराने में राज्य सरकार असफल है।
क्षेत्र के किसानों को हो रही खाद की समस्या को देखते हुए किसान हित में विधायक रंजना डीपेंद्र साहू ने तारांकित प्रश्न के द्वारा धमतरी जिले में संचालित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों को प्रदत्त खाद पर विभागीय मंत्री से प्रश्न पूछा कि धमतरी जिले में कुल कितने प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति संचालित है? जहां पर कितनी मात्रा में कौन-कौन सी रासायनिक खाद किसानों को देने के लिए लक्ष्य रखा गया है? समितियों के द्वारा संबंधित विभाग को खाद के लिए कितनी मात्रा में डिमांड रखी गई है? विधायक ने आगे सवाल करते हुए पूछा कि क्या मांग के अनुरूप समितियों को खाद्य प्राप्त हो गई है? जिसपर विभागीय मंत्री ने बताया कि धमतरी जिले में कोई 74 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति संचालित है। खरीफ सीजन में यूरिया, एसएससी, डीएपी, एनपीके एवं पोटाश रासायनिक खाद समिति को प्रदान की जाती हैं, समितियों द्वारा संपूर्ण सीजन में आवश्यकता अनुसार डिमांड की जाती है, जिसके विरुद्ध आपूर्ति अनुसार समितियों को खाद प्रदान की जाती है, विभागीय मंत्री ने खरीफ सीजन 2022 की अवधि में खाद वितरण को 1 अप्रैल 2022 से 30 सितंबर 2022 तक का समय निर्धारण का जबाव दिए।

Popatlal News

Sanjay Choubey Chief Editor

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