कॉन्फ्लूएंस कॉलेज में महिला दिवस पर परिचर्चा आयोजित

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राजनांदगांव। कान्फ्लूऐंस कालेज के महिला प्रकोष्ठ द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर परिचर्चा का आयोजन किया गया, जिसका विषय-महिलाओं की भूमिका प्राचीन से अब तक था। साथ ही साथ विद्यार्थियों ने रंगोली और गायन के माध्यम से भी महिला दिवस को मनाया। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य है कि समाज में लैंगिक समानता होना बहुत जरूरी है। तभी पुरुष और महिला दोनों में एक दूसरे के प्रति समर्पण का भाव दिखाई देगा।

कार्यक्रम प्रभारी गौतमा रामटेके ने कहा कि महिला दिवस का रंग पर्पल, ग्रीन, और सफेद है। पर्पल न्याय और गरिमा का प्रतीक है, वहीं हरा रंग उम्मीद और सफेद रंग शांति का, जो तीनों महिला में ही देखी जाती है। महाविद्यालय के डायरेक्टर संजय अग्रवाल ने सभी महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि महिलाओं के बिना किसी भी कार्य की कल्पना करना बहुत मुश्किल है। आज वर्तमान समय में महिलाएं देश और समाज दोनों के निर्माण में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

प्राचार्य डॉ. रचना पाण्डेय ने कहा कि सिर्फ एक दिन ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष महिलाओं के समर्पण, उपलब्ध्यिों और कामयाबी के जश्न के रूप में मनाया जाना चाहिए, किन्तु अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को मनाने के पीछे बहुत बडा कारण है। समय के साथ महिलााओं की स्थिति में परिवर्तन आया है। लेकिन आज भी महिलाएं भेदभाव का शिकार है। आज भी समाज को महिलाओं के लिए काम करने की जरूरत है। समाज को जागरूक करने के लिए हर साल पूरे विश्व की सरकारें अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस को 8 मार्च को सेलीब्रेट करती है। इस कार्यक्रम का मंच संचालन मनीषा ठाकुर. एवं अनिल वर्मा तथा धन्यवाद ज्ञापन यमन साहू के द्वारा किया गया।

“उदय मिश्रा की रिपोर्ट”

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