धार में मुस्लिम समाज का बड़ा फैसला, इस बार नहीं निकलेगा मुहर्रम का जुलूस
मध्यप्रदेश के धार में इस वर्ष मुहर्रम पर मुस्लिम समाज द्वारा निकाले जाने वाले पारंपरिक अखाड़े और ताजिए विरोध स्वरूप नहीं निकाले जाएंगे। बताया जा रहा है कि यह पहली बार होगा जब शहर में अखाड़ों और ताजियों का कारवां नहीं निकलेगा। यह निर्णय मुस्लिम समाज, अखाड़ा कमेटियों और ताजिया संचालकों ने सर्वसम्मति से लिया है। समाज का कहना है कि उनकी गहरी आस्था इमामबाड़े से जुड़ी है, जहां परंपरा के अनुसार शहर के विभिन्न क्षेत्रों से निकलने वाले सभी अखाड़े और ताजिए पहुंचकर सलामी देते हैं। वर्तमान में इमामबाड़ा प्रशासन द्वारा सील किए जाने से समाज आहत है। इसी के विरोध में फैसला लिया गया है कि जब तक इमामबाड़ा नहीं खोला जाता, तब तक न तो अखाड़े निकाले जाएंगे और न ही ताजिए उठाए जाएंगे। समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि उनका विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और कानून-व्यवस्था या सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने का कोई इरादा नहीं है। वहीं मुहर्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उज्जैन में पुलिस प्रशासन ने संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला तथा लोगों से आपसी भाईचारे और शांति बनाए रखने की अपील की।

