धमतरी में आत्महत्या के बढ़ते आंकड़ों से चिंता, 180 दिनों में 174 लोगों ने गंवाई जान
धमतरी जिले में आत्महत्या के बढ़ते आंकड़े चिंता का विषय बन गए हैं। साल 2026 के शुरुआती छह महीनों में जिले में 174 लोगों ने आत्मघाती कदम उठाकर अपनी जान गंवा दी। आंकड़ों के अनुसार, 180 दिनों में केवल कुछ दिनों को छोड़कर लगभग हर दिन एक आत्महत्या का मामला दर्ज हुआ है। इन घटनाओं में पारिवारिक विवाद, प्रेम संबंध, मानसिक तनाव और अन्य कारण सामने आए हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में नशे की भूमिका एक बड़ी वजह के रूप में सामने आई है। आत्महत्या करने वालों में युवा से लेकर बुजुर्ग तक सभी आयु वर्ग के लोग शामिल हैं। ज्यादातर लोगों ने फांसी लगाकर और कुछ ने जहर सेवन कर अपनी जान दी। पुलिस अधिकारियों और विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक नशा व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित करता है, जिससे तनाव या गुस्से की स्थिति में वह गलत कदम उठा सकता है। क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट ने बताया कि आत्महत्या के पीछे कोई एक कारण नहीं होता, बल्कि आर्थिक परेशानी, मानसिक दबाव और रिश्तों से जुड़ी समस्याएं भी बड़ी वजह बनती हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि मानसिक तनाव या परेशानी की स्थिति में अकेले न रहें, खुलकर बातचीत करें और जरूरत पड़ने पर काउंसलर या विशेषज्ञों की मदद लें।

