नए मेला मैदान पर स्थाई निर्माण को भूली सरकार पिछले तीन सालों में स्थाई निर्माण के लिए हुए मात्र निरीक्षण

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“संतोष सोनकर की रिपोर्ट”

राजिम। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध राजिम माघी पुन्नी मेला स्थाई निर्माण के लिए सरकार गत तीन-चार वर्षों से मुक्ताकाशी महोत्सव मंच से घोषणा ही मात्र कर रही है इन वर्षों में अभी तक स्थल का निरीक्षण ही किया है तथा वर्तमान में भूमि का लाल झंडा गड़ाकर चिन्हाकित किया है। स्थाई निर्माण के नाम पर अभी तक एक ईंट तक नहीं रखी है। हैरान करने वाली बात यह है की हर बार नए मेला मैदान पर काम शुरू करने की बात मेला शुरू होने के पहले करते हैं। दिखाने के लिए मैदान को लेवलिंग करने का काम भी किया जाता है मेला नजदीक आते ही जगह बदल दी जाती है जैसे तैसे पुराने मैदान पर ही मेला संचालित होते हैं मेला जैसे ही खत्म हुआ शासन प्रशासन और सरकार स्थाई निर्माण को भूल जाती है यह प्रक्रिया लगातार चल रही है। अब तो लोग भूल गए हैं की नए मेला मैदान शायद ही अस्तित्व में आ पाएगा क्योंकि मंच से मात्र घोषणाएं हो रही है काम कुछ भी नहीं हो रहा है बताया जाता है कि सड़कें चौड़ी होना है। फोरलाइन सड़के बननी है। सड़क के किनारे पाथवे के अलावा अनेक स्थाई निर्माण कार्य होना है जिसमें साधु संतों के लिए कुटिया, धर्मशाला, कार्यक्रमों के लिए मंच, मीना बाजार, मेला में लगने वाली व्यवस्थित दुकान जैसे अनेक कार्य होना है। सन 2021 के नवंबर दिसंबर माह में तत्कालीन जिला कलेक्टर निलेश कुमार क्षीरसागर निरीक्षण के दौरान पहुंचे थे तब उन्होंने स्पष्ट किया था की नवीन मेला मैदान पर लगातार काम चलेगा आने वाले तीन चार सालों में स्थाई निर्माण का कार्य पूर्ण होगा। उन्होंने सड़के निर्माण समेत धर्मशाला आज की स्थाई निर्माण शीघ्र शुरू होने की बात कही थी। उसके बाद जिला कलेक्टर का तबादला हो गया फिर नम्रता गांधी जिला कलेक्टर के रूप में आई। वर्तमान में जिला कलेक्टर गरियाबंद प्रभात मलिक है लोगों की उम्मीद बंधी है कि नए कलेक्टर शीघ्र नवीन मेला मैदान पर स्थाई निर्माण का कार्य प्रारंभ करेंगे परंतु समय ही बता पाएगा। चूंकि 15 जून से मानसून लग गया है और मानसून में शासकीय काम पर लगभग प्रतिबंध सा होता है। मेला होने के बाद ग्रीष्मकालीन समय गुजर गया परंतु एक भी कार्य यहां नहीं हो पाए और तो और लेवलिंग का काम चल रहा था वह भी बंद हो गया। आधे अधूरे भूमि समतल हुआ है।बचा हुआ है भूमि समतल करने का कामदिसंबर 2021 में भूमि को समतल करने का काम जारी था पहले एक जेसीबी मशीन से किया जा रहा था उसी समय दिसंबर जनवरी में ही गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू नवीन मेला मैदान के निरीक्षण करने पहुंचे तब उसी समय उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया था की लेवलिंग का काम एक हफ्ते के अंदर कंप्लीट हो जाना चाहिए। तब से लेकर आज तक यह कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। उल्टा मात्र 9 दिन बस भूमि समतल का काम जारी रहा उसके बाद बंद हुआ तो आज तक यह कार्य जारी नहीं हो पाया है और इस तरह से नवीन मेला मैदान उबर खाबड़ एवं बड़ी-बड़ी मेड पार से लबरेज है। सबसे पहले भूमि समतल करना बहुत जरूरी है।तटबंध के पास डेढ़ किमी. तक गड्ढाशहर के शीतला मंदिर से लेकर चौबेबांधा पुल तक तकरीबन डेढ़ से दो किलोमीटर तक तटबंध बना हुआ है। इनके किनारे लगभग 20 से 25 फीट तक गहरा गड्ढा है इन्हें पाटना जरूरी हो गया है गड्ढा पटेगा तब मैदान नजर आएगा। जानकार की माने तो इन्हें समतल करने में लंबा समय लगेगा। सैकड़ों से लेकर हजारों ट्रक मिट्टी या फिर अन्य सामग्री जिससे यह गड्ढा पेक हो जाए, लगेगा। इसके बाद तो मैदान की लुकिंग बढ़ जाएगा।तटबंध पर बनाना होगा सिढ़ीस्नान के लिए तटबंध पर सिढ़ी बनाने की आवश्यकता होगी। नवागांव एनीकट पर पानी भरा रहने के बाद स्नान में जाने वाले साधु-संतों व अन्य श्रद्धालुओं को नदी में उतरना पड़ेगा इसके लिए सिढ़ी की जरूरत होगी। इस कार्य में भी लंबा समय लगेगा।जर्जर सड़क कब बनेंगे, लोगों को है इंतजारचौबेबांधा पुल से लेकर राजिम तक सड़कें खराब हो गई है जगह-जगह गड्ढे तथा सड़क पर पतली होने के कारण टूट चुके हैं यदि इन्हें फोरलेन बनाया जाता है तब तो सड़कों की चौड़ाई बढ़ जाएगी। इसके बाद मैदान में अलग-अलग चार पांच सड़के बनानी होगी जिसमें लोग सरलता से आ जा पाएं। बताना होगा नवापारा बेलाही को कुरूद से जोड़ने वाली सड़कें चौड़ी हो रही है परंतु राजिम तक नहीं बन रहा है। जिसके कारण लोग समझ रहे हैं कि अब यह मेला क्षेत्र के अंतर्गत आता है इसलिए सरकार इसके लिए अलग से बजट पेश करेगी और शानदार फोरलेन सड़क बनाएगी।चौबेबांधा से सिंधौरी मार्ग कब होगी चौड़ीस्थानीय लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं की चौबेबांधा से सिंधौरी मार्ग शीघ्र चौड़ीकरण होगा परंतु अभी तक इनका नंबर नहीं आया है। यह सड़क मार्ग गरियाबंद जिला को सीधे धमतरी जिला से जोड़ने का काम करती है। धमतरी जिले के लोग इसी मार्ग से होते हुए बड़ी संख्या में गरियाबंद जिले के गांव में प्रवेश करते हैं। चौबेबांधा से होते हुए सिंधौरी पारकर सीधे गरियाबंद रोड में मिलते हैं इस राष्ट्रीय राजमार्ग तक जाने के लिए सड़कों की चौड़ीकरण होना नितांत आवश्यक हो गया है।जनता शीघ्र नवीन मेला मैदान पर स्थाई निर्माण देखना चाह रहेतत्कालीन डॉ रमन सिंह की सरकार ने नवीन मेला ग्राउंड पर स्थाई निर्माण के लिए 25 एकड़ जमीन आरक्षित किए थे पश्चात भूपेश बघेल की सरकार ने 54 एकड़ जमीन आरक्षित कर लिए हैं बताया जाता है कि नवीन मेला ग्राउंड के लिए आरक्षित भूमि 54 एकड़ से ही ज्यादा है। जमीन पर लोग शीघ्र स्थाई निर्माण देखना चाह रहे हैं। अब इनके सपने कब पूरा होंगे कहा नहीं जा सकता।

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