एनीकट का गेट खुलने के बाद संगम में दिखा रेत श्रद्धालु मटमैले पानी से नहाने को मजबूर बार-बार गेट खोलने से शहरवासी भड़के
संतोष सोनकर की रिपोर्ट
राजिम। त्रिवेणी संगम एनीकट का गेट खुला कर देने के कारण लबालब पानी पूरी तरह से वह गया। अब संगम में रेत ही रेत दिखाई दे रहे हैं यहां तक की स्नान करने वाले श्रद्धालु मटमैला पानी में नहाने के लिए मजबूर है। सबसे ज्यादा दिक्कत शहर के दूसरे किनारे पर स्थित नवापारा के बेलाही घाट की है पानी छोड़ने के बाद पानी का रंग बदल गया है गंदे पानी पर लोग नहा रहे हैं। इधर संगम में भी यही स्थिति है दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को साफ पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। एनीकट बंद था तब लबालब पानी भर गया था। अटल घाट, महानदी आरती घाट, नेहरू घाट, बेलाही घाट, सोम तीर्थ घाट में नहाने का अपना अलग मजा था। श्रद्धालु यहां आकर पानी को देखते ही तृप्त हो जाते थे नहाने के बाद तो मानो पवित्रता को प्राप्त करते थे परंतु गेट को खुला करना लोगों को अखर रहा है। बताना होगा कि इस एनीकट का गेट 8 दिन बंद करते हैं तो 8 दिन बाद फिर खोल देते हैं जल संसाधन विभाग उप संभाग राजिम का यह खेला लोगों के समझ में नहीं आ रहा है। यदि खोलना ही है तो फिर बंद क्यों किया जाता है। बंद किया जाता है तब खोला क्यों जाता है। करोड़ों रुपया का एनीकट फालतू सिद्ध हो रहा है। चौक चौराहे पर अनेक प्रश्न उठ रहे हैं जिसका जवाब देने वाला कोई अफसर या जनप्रतिनिधि सामने नहीं आए हैं। उल्लेखनीय है कि तकरीबन 8 साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह एनीकट का लोकार्पण किया था।
करोड़ों रुपए की लागत से संगम एनीकट का निर्माण इसलिए किया था कि त्रिवेणी संगम पर हमेशा लबालब पानी भरा रहे। स्थानीय व बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को हमेशा पानी उपलब्ध होते रहे। लक्ष्मण झूला के बनने के कारण लोग यही समझ रहे थे कि अभी कार्य प्रगति पर है इसलिए संगम एनीकट पर पानी नहीं रोक रहे हैं परंतु गत 16 मार्च महाशिवरात्रि के मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लक्ष्मण झूला का लोकार्पण किया उसके बाद तो लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। खासकर स्थानीय लोग अति प्रसन्न हो गए कि अब एनीकट के पानी को रोका जाएगा और बारहों महिना पानी उपलब्ध होंगे। वाटर लेवल भी नहीं गिरेगा तथा श्रद्धालुओं के स्नान दान आदि कृत्य के लिए पानी की कभी कमी नहीं आएगी। परंतु हो उल्टा रहा है जिससे लोग हतप्रभ है।
सोनतीर्थ घाट में गंदे पानी पर हो रहे स्नान प्रसिद्ध सोनतीर्थ घाट पूरी तरह से नदी के धार से कट गया है डबरी के आकार में पानी है उसी में बाहर से आने वाले श्रद्धालु सारे कृत्य कर रहे हैं। स्नान दान अस्थि विसर्जन मुंडन संस्कार आदि गंदे पानी पर करने के लिए मजबूर है। कई बार इस घाट की सफाई एवं स्वच्छ पानी के लिए शहर वासियों के द्वारा आवाज उठाया गया परंतु इस बाबत स्थानीय प्रशासन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
पिछले रविवार को संगम का नजारा बदल गया था बीते रविवार को एनीकट पर लबालब पानी होने के कारण उनका ठेलान नवागांव एनीकट तथा बेलाही पुल के आगे दूर तक था जिससे त्रिवेणी संगम का स्वरूप ही बदल गया था ऐसा दृश्य लोग पहली बार देखे थे। आने जाने वाले पर्यटक इस नजारा को देखकर अपने आप को रोक नहीं पाते थे और गाड़ी खड़ी कर जरूर सेल्फी लेते थे। दृश्य को अपने कैमरे में कैद करना नहीं भूलते परंतु सब पानी के बहने के कारण व्यर्थ साबित हो गया। अब इस रविवार को आने वाले श्रद्धालुओं के साथ धोखा होगा क्योंकि त्रिवेणी संगम एनीकट पर लबालब पिछले रविवार की भांति पानी नहीं है।