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सफलता की कहानी: अंचल का प्रमुख चिकित्सा संस्थान बना महारानी अस्पताल, रोजाना हजारों की संख्या में मरीज हो रहे लाभान्वित

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जगदलपुर। शहर में स्थित बस्तर संभाग के सबसे पुराने एवं प्रमुख शासकीय चिकित्सालय महारानी अस्पताल जगदलपुर राज्य शासन के विशेष प्रयासों से आज पूरे बस्तर संभाग सहित इस अंचल के प्रमुख चिकित्सा संस्थान बन गया है। बस्तर के लोगों के जनभावनाओं तथा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशा अनुरूप भव्य, स्वच्छ, सुन्दर एवं सर्व सुविधायुक्त अस्पताल एवं परिसर के निर्माण के साथ-साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं स्टॉफ की नियुक्ति के अलावा आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता से वास्तव में आज इस अस्पताल का कायाकल्प हो गया है। बस्तर की लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को समझते हुए राज्य सरकार द्वारा पिछले ढाई वर्षों के दौरान अस्पताल के सुविधाओं में किए गए विस्तार का लाभ इस अस्पताल में आने वाले मरीजों को मिल रहा है। वर्तमान में इस अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के अलावा अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त जरूरी स्वास्थ्य सुविधाए उपलब्ध होने से प्रतिदिन इस अस्पताल में आने वाले बस्तर संभाग के अलावा बस्तर के सीमा से लगे आंध्रप्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र राज्यों के प्रतिदिन हजारों की संख्या में मरीज स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं।
इस अस्पताल में हुए स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का परिणाम है कि आज से कुछ वर्ष पहले अस्पताल में प्रतिदिन ओपीडी में आने वाली मरीजों की संख्या लगभग 300 हुआ करती थी, लेकिन आज मरीजों की संख्या बढ़कर 500 से भी अधिक हो गई है। इस तरह से यह अस्पताल स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिलाने हेतु बस्तर के लोगों के लिए आशा एवं आकांक्षा का केन्द्र बन गया है। वर्तमान में इस अस्पताल की बेड संख्या 100 है। राज्य शासन द्वारा इस अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या को देखते हुए इसे 200 बिस्तर करने की स्वीकृति दी गई है, जो शीघ्र प्रारंभ हो जाएगा।
राज्य शासन द्वारा बस्तर संभाग में इस अस्पताल की महत्ता और उपयोगिता को देखते हुए इसे अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त किया गया है। इसके अन्तर्गत महारानी अस्पताल में 10 बिस्तर आपातकालीन विभाग, सर्व सुविधायुक्त 14 बिस्तर गहन चिकित्सा इकाई, मॉड्यूलर एवं सेमी मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर अस्थि रोग शल्य चिकित्सा, आधुनिक उपकरणों सुसज्जित फिजियोथेरेपी, योगा एवं आयुष चिकित्सा इकाई की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा डिजीटल एक्सरे, सीआर सिस्टम, सोनोग्राफी एवं सी.टी. स्कैन की सुविधा, बाह्य रोगी विभाग एवं नाक, कान, गला, विभाग ऑडियोमेट्री एवं स्पीच थेरेपी की सुविधा, मातृ शिशु स्वास्थ्य सेवाएं एवं बच्चों के लिए ईको जांच की सुविधा, सर्वसुविधायुक्त प्रसव कक्ष एवं 2 मेटर्निटी ऑपरेशन थिरेयटर की भी सुविधा उपलब्ध है। साथ ही गर्भवती महिलाओं के लिए कुल 31 बिस्तर प्रसव पूर्व, प्रसव पश्चात एवं परिवार नियोजन हेतु पृथक-पृथक वार्ड, 6 बिस्तर का शिशु गहन चिकित्सा ईकाई 12 बिस्तर नवजात गहन चिकित्सा इकाई, 8 बिस्तर शिशु वार्ड का संचालन किया जा रहा है। अस्पताल में नवीन मॉड्यूलर पैथोलॉजी लैब एवं ब्लड बैंक का संचालन, मेकेनाईज्ड लांड्री की सुविधा एवं तरल अपशिष्ट के प्रबंधन हेतु 2 ई.टी.पी. की स्थापना, सेंट्रलाईज्ड मेडिकल गैस पाईपलाईन सिस्टम की उपलब्धता, समस्त वार्डों का जीर्णोद्धार एवं सर्वसुविधायुक्त कुल 200 बिस्तरों की उपलब्धता, नवीन शव विच्छेदन गृह की स्थापना एवं 2 डेड बाडी फ्रिजर की उपलब्धता तथा अस्पताल परिसर में 12 नग आवासीय भवन का निर्माण एवं संभाग स्तरीय कोल्ड चेन की स्थापना के अलावा सभाकक्ष में ऑडिटोरियम का निर्माण एवं टेलिमेडिसीन की सुविधा आदि सुविधाओं से युक्त किया गया है।
महारानी अस्पताल में पिछले दो वर्षों के महत्वपूर्ण उपलब्धियों के फेहरिस्त में कोरोना काल में मरीजों को प्रदान की गई महत्वपूर्ण सेवाएं भी शामिल हैं। इस दौरान 1216 मरीजों को निःशुल्क सीटी स्कैन जांच, तथा 959 मरीजों का मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन किया गया, जो कि पूर प्रदेश में सर्वाधिक है। इसके अलावा 200 से अधिक मरीजों का डायलिसीस जिसमें 15 मरीज कोरोना पॉजिटिव थे। इसके साथ ही 360 मरीजों की ऑर्थो सर्जरी के अलावा कोरोन काल के दौरान 50 बिस्तरों वाले 2 अतिरिक्त वार्डो का भी संचालन किया गया। महारानी अस्पताल में सुपर स्पेशलाईज्ड विषयों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों को टेलीमेडिसिन की सुविधा भी प्रदान की जाती है। अस्पताल के पैथोलॉजी लैब में 65 विभिन्न प्रकार की जांच की सुविधा प्रदान की जा रही है।

”सुभाष रतनपाल की रिपोर्ट”

Popatlal News

Sanjay Choubey Chief Editor

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