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माघ पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने लगाई त्रिवेणी संगम में डुबकी,राजिम माघी पुन्नी मेला का हुआ शुभारंभ

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“संतोष सोनकर की रिपोर्ट”

राजिम। माघ पुन्नी के अवसर पर पुन्नी स्नान का विशेष महत्व है। इसलिए छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजिम के त्रिवेणी संगम के पुन्नी स्नान करने बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ एकत्र हुई। श्रद्धालुओं ने पुण्य स्नान कर भगवान श्री राजीव लोचन, श्री कुलेश्वर नाथ महादेव के दर्शन कर सुख समृद्धि की कामना की। इसी के साथ राजिम माघी पुन्नी मेला का भी शुभारंभ हो गया। जानकारी के अनुसार माघी पूर्णिमा के दिन भगवान श्री राजीव लोचन का जन्म दिवस है। इसके उपलक्ष्य में सदियों से राजिम के इस पावन भूमि में मेले भरते आ रहा है। भगवान का जन्मोत्सव मंदिर प्रांगण में बैंड-बाजे के साथ बहुत ही धूम-धाम से मनाया जाता है। भगवान के पूजा के बाद नया लाल ध्वज मंदिर के कलश में चढ़ाया गया। माघ पूर्णिमा को लेकर भगवान श्री राजीव लोचन का मंदिर दमकने लगा है। बिजली की झालर और तेज लाइट की रोशनी से जगमगाने लगा है।
आज माघी पूर्णिमा के शुभ अवसर पर अचंल सहित प्रदेश के कोने-कोने से पहुंचे श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम पैरी सोढ़ूर और महानदी में तडके सुबह से डुबकी लगाकर अपने आप को धन्य किया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ श्री राजीव लोचन और श्री कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंचकर दर्शन कर अपने परिवार की खुशहाली और सुख समृद्धि की आशीर्वाद मांगा। दोनों मंदिरों के अलावा श्रद्धालु लोमश ऋषि आश्रम, राजिम भक्तिन माता मंदिर, मामा-भांचा मंदिर, राजराजेश्वर, दानदानेश्वर, बाब गरीब नाथ महादेव के दर्शन किए। कई महिलाएं एवं युवतियां तीनों नदी, पैरी, सोढूर और महानदी की धार में डुबकी लगाने के बाद नदी के रेत में शिवलिंग बनाकर उसमें नारियल, बेल पत्ता, धतुरे का फूल, दूध चढ़ाकर पूजा अर्चना किया और नदी के धार में दीपदान किए। जानकारो के मुताबिक सूर्योदय के पूर्व माघी पुन्नी स्नान का बड़ा महत्व है। दीप दान किए जाने का भी धार्मिक महत्व है, इसलिए नदी की धार में दीप दान कर सीधे श्री राजीव लोचन और भगवान श्री कुलेश्वरनाथ महादेव के दर्शन के लिए लोग पहुंचते रहे।

Popatlal News

Sanjay Choubey Chief Editor

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