पिपरिया छात्रवृत्ति घोटाला और पचमढ़ी स्कूल विवाद पर शिक्षा मंत्री ने दिया जांच का आश्वासन
विवेकानंद घाट पर ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत सफाई कार्यक्रम में पहुंचे शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से क्षेत्र के दो बड़े मुद्दों को लेकर तीखे सवाल किए गए, जिनमें पिपरिया के बहुचर्चित छात्रवृत्ति गबन मामले में डेढ़ साल बाद भी दोषियों पर FIR न होने और “क्या दोषियों को बचाया जा रहा है?” जैसे सवाल शामिल थे। इस पर मंत्री ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है और वे इसकी जानकारी लेकर जांच करवाएंगे। वहीं पचमढ़ी के अधूरे पड़े सांदीपनि स्कूल को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि यह क्षेत्र कैंट का है और कैंट बोर्ड से अनुमति की प्रक्रिया चल रही है, अनुमति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। पचमढ़ी के इस स्कूल को पहले शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से सीएम राइज और फिर सांदीपनि विद्यालय का नाम दिया गया, लेकिन नाम बदलने के बावजूद निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है और छात्रों को जर्जर भवन में पढ़ाई करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ नाम बदलने से शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होता और प्रशासनिक वादों के बावजूद विकास कार्य ठप पड़े हैं।

