मध्यप्रदेश में 2028 की तैयारी, कांग्रेस का ट्राइबल फॉर्मूला लागू
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस अब पूरी तरह ‘मिशन 2028’ की तैयारी में जुट गई है। आदिवासी वोट बैंक को मजबूत करने के लिए पार्टी ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाते हुए ‘ट्राइबल फॉर्मूला’ लागू करने का फैसला किया है, जिसे हाल ही में हुई ट्राइबल एडवाइजरी कमेटी की बैठक में अंतिम मंजूरी दी गई। इस नए फॉर्मूले के तहत आदिवासी नेताओं की जिम्मेदारी सिर्फ उनकी अपनी विधानसभा सीट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन्हें अपने क्षेत्र की पड़ोसी सीटों पर भी पार्टी को मजबूत करने और जीत दिलाने का दायित्व सौंपा जाएगा। इसके साथ ही जमीनी स्तर पर आदिवासी मतदाताओं को संगठित करने के लिए पार्टी अपने संगठनात्मक ढांचे को और सक्रिय करने की तैयारी में है। कांग्रेस का मानना है कि प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों में से 101 सीटों पर आदिवासी मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं, जिनमें 47 आरक्षित सीटें और 54 सामान्य सीटें शामिल हैं, जहां आदिवासी वोट बैंक 16 से 39 प्रतिशत तक प्रभाव रखता है। पार्टी का फोकस विशेष रूप से इन सीटों पर जीत सुनिश्चित करने पर रहेगा, जबकि इस रणनीति को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी पार्टी के युवा और सक्रिय नेताओं को सौंपी जाएगी।

