निर्माणाधीन पीतईबंद मार्ग में होता है धूल स्नानठेकेदार को प्रतिदिन पानी डालने का है लेकिन वह उदासीन

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राजिम। निर्माणाधीन पीतईबंद मार्ग में काम तो चल रहा है लेकिन गिट्टी लगातार परत दर परत बिछ रही है इस बीच लोगों का आना जाना भी बदस्तूर जारी है जैसे ही बड़े वाहन गुजरते हैं धूल का गुबार उठ जाता है। छोटे वाहनधारी बाइक सवार, साइकल या फिर पैदल यात्री धूल स्नान कर जाते हैं पूरा कपड़ा धूल से गंदा हो जाता है। वहीं धूल मुंह व नाक से शरीर के अंदर प्रवेश कर जाते हैं जिससे लोग दमा आदि अनेक बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। कहना होगा कि ठेकेदार को प्रतिदिन सुबह-शाम यहां पानी डालना है परंतु अभी तक पानी डालने की बात तो दूर उन्होंने छींटा भी नहीं डाली है। नतीजा लोगों को धूल धूसरित होना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि इस मार्ग पर पूर्व सांसद चंदूलाल साहू, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष पवन सोनकर तथा पार्षद का घर मार्ग के किनारे है बावजूद इसके रहवासियों को अनेक तकलीफ उठानी पड़ रही है सबसे बड़ी बात यह है कि इसी मार्ग से सैकड़ों गांव के लोग महासमुंद भी जाते हैं इसलिए आवागमन का दबाव हमेशा बना रहता है। बताया जाता है कि टेंडर के अनुसार अभी तक तो इस सड़क का कायाकल्प हो जाना था पूर्ण रूप से तैयार हो जाना था लेकिन विभागीय उदासीनता एवं ठेकेदार की लापरवाही के चलते काम अभी भी चल रहा है जिनका खामियाजा आम राहगीर भुगत रहे हैं। शहर के शिवाजी चौक से लेकर पीतईबंद पहुंच तक सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है। काम कछुआ गति से चलने के कारण अब लोगों को चिंता हो गई है यह बरसात से पहले काम पूरा हो पाएगा कि नहीं। कुछ दिन पहले अचानक पानी गिरने के कारण मार्ग में कीचड़ इस कदर छा गया था कि लोग गिरकर चोटिल हो रहे थे तथा स्कूली बच्चे के कपड़े पूरी तरह से खराब हो रहे थे अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। छोटे-छोटे स्कूली बच्चे नए कपड़े पहन कर स्कूल जाते हैं लेकिन धूल से सनकर वापस घर आते हैं बच्चों की इस स्थिति को देखकर बालक बहुत चिंतित है लेकिन अभी तक प्रशासन चिंता नहीं कर रही है जो मुख्य रूप से चिंता का कारण बन गया है राहगीरों ने शीघ्र इस मार्ग को पूर्ण करने की मांग मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा पीडब्ल्यूडी मंत्री ताम्रध्वज साहू से की है।

“संतोष सोनकर की रिपोर्ट”

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