धमतरी में 921 शिविर से 80 हजार से अधिक शहरवासियों का उपचार, 65 हजार से अधिक को दवाईयां

Spread the love

“वैभव चौधरी की रिपोर्ट”

धमतरी।बेहतर स्वास्थ्य और बीमारी में उचित इलाज का सपना सभी का होता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की भी मंशा थी, कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा के साथ हर छोटी-बड़ी बीमारियों का इलाज समय पर और सहजता से हो। इलाज के लिए किसी भी व्यक्ति अथवा परिवार को आर्थिक तंगी से जूझना ना पड़े। उन्होंने अपनी इसी दूरदर्शी सोच और सूझबूझ से स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में रणनीति बनाकर, झुग्गी इलाकों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद सहित आम नागरिकों को बीमार पड़ने पर अस्पताल की भाग-दौड़ की बजाय, घर के आसपास इलाज मुहैय्या कराने मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना शुरू की। डेढ़ साल पहले लागू हुई यह स्वास्थ्य योजना ना केवल लोगों की आकांक्षाओं पर खरा उतर रही है, बल्कि हर जरूरतमंद का समय पर उपचार कर उनका विश्वास भी जीत रही है। स्लम इलाकों में मोबाइल मेडिकल यूनिट से 921 कैम्प के जरिए अब तक 80 हजार से अधिक लोगों ने अपना उपचार कराया है।गौरतलब है कि धमतरी में नवंबर 2020 से मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना का लाभ लगातार जरूरतमंद और गरीब परिवारों को मिल रहा है। इसने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को ना केवल बीमार होने पर इलाज का काम किया है, बल्कि स्वच्छता बनाए रखने और बीमार होने पर तुरंत इलाज कराने के लिए भी लोंगों को प्रेरित किया है। अक्सर गरीब और बीमार व्यक्ति पैसा नहीं होने अथवा अस्पताल से दूरी सोचकर इलाज कराने से कतराता है ऐसे में प्रदेश सरकार की महती योजना मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं। स्लम इलाके के लोगों को अपने गली-मुहल्ले में ही डॉक्टर की टीम के साथ मोबाइल मेडिकल यूनिट के रूप में अस्पताल मिल गया है, जहां चिकित्सक सहित लैब टेस्ट की सुविधा, दवाइयां और उपचार सब कुछ निःशुल्क मिल रहा है। धमतरी शहर में मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत दो मोबाइल मेडिकल यूनिट से 24 जून 2022 तक 80 हजार 157 मरीजों का उपचार किया गया है। कुल 65 हजार 737 मरीजों को दवाई वितरण, 20 हजार 296 हितग्राहियों का लैब टेस्ट किया गया। यह योजना शहरी स्लम इलाके के लोगों को उनके घर के नजदीक निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा देने में सफल साबित हो रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.