The Popatlal

सच्ची खबर देंगे पोपटलाल

ChhattisgarhMISC

खाद की कृत्रिम कमी बताकर कांग्रेससियों के संरक्षण में हो रही है खाद की कालाबाजारी : बृजमोहन अग्रवाल

Spread the love


रायपुर। पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल व सांसद सुनील सोनी ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के पास खाद का पर्याप्त भंडारण है इसके बाद भी सहकारी संस्थानों में खाद नहीं पहुंच पा रहा है। जिसके कारण प्रदेश में खाद को लेकर हाहाकार की स्थिति बनी हुई है। किसान महंगे दाम पर बाजार से ब्लेक में खाद खरीदने को मजबूर है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार खाद की कमी बताकर केवल केन्द्र सरकार पर आरोप मढ़ रही है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में 6.50 लाख मेट्रिक टन यूरिया की जरूरत थी, 4 लाख 68 हजार 517 मेट्रिक टन का भंडारण हो गया है। मात्र 2 लाख 41 हजार 110 मेट्रिक टन अभी तक किसानों को वितरित हुआ है। अभी भी 2 लाख 27 हजार 407 मेट्रिक टन यूरिया स्टॉक में पड़ा हुआ है। आखिर क्यों?
प्रदेश सरकार के पास 15 जून 2022 की स्थिति में कुल 4,15,386 मैट्रिक टन खाद उपलब्ध था जिसमें यूरिया 2,27,407 मेट्रिक टन, डीएपी 46,432 मैट्रिक टन, एन.पी.के. 34,325 मेट्रिक टन, एम.ओ.पी. 19,856 मेट्रिक टन, एस.एस.पी. 87,366 मेट्रिक टन शामिल है। इन सबके बाद भी प्रदेश की कांग्रेस सरकार केवल मात्र किसानों का हितैषी होने का दावा करके किसानों को छल रही है।
उन्होंने कहा कि खाद की कालाबाजारी के पूरे कारोबार में सरकार व कांग्रेसियों का संरक्षण है। केवल कृत्रिम कमी बताकर खाद की कालाबाजारी लगातार की जा रही है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि केन्द्र सरकार ने राज्य को पर्याप्त खाद उपलब्ध करवाया है लेकिन राज्य सरकार अपनी बदहाल व्यवस्था के चलते किसानों को खाद मुहैया नहीं करवा पा रही है। खाद की पर्याप्त स्टॉक होने के बाद भी किसानों को खाद नहीं मिलना यह साबित करता है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार किसानों को लेकर जरा भी संवेदनशील नहीं है।
पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रति सप्ताह प्रदेश के अधिकारियों की केन्द्र सरकार के अधिकारियों के साथ खाद की उपलब्धता को लेकर वीडियो कान्फ्रेंसिग के माध्यम से बैठक होती है और कभी भी प्रदेश की तरफ से खाद की कमी को लेकर केन्द्र सरकार को नहीं बताया गया है। इस मामले पर प्रदेश के कृषि मंत्री बिना जानकारी के कुछ भी कह जाते है और सहकारिता मंत्री प्रदेश में कौन है किसी को पता ही नहीं है। मुख्यमंत्री किसानों के समस्या को देखने के बजाय केवल अपने दस जनपथ को खुश करने में व्यस्त हैं।
प्रदेश में वर्मी कंपोस्ट खाद खरीदने के लिए किसानों पर दबाव डाला जा रहा है। एक एकड़ में करीब तीन बोरी अमानक वर्मी कंपोस्ट खरीदने को लेकर किसानों का भयादोहन किया जा रहा है। जिसमें घटिया स्तर के बिना लेबोरेटरी में टेस्ट वर्मी कंपोस्ट में मिट्टी, गोबर व पत्थर मिलाकर किसानों को दिया जा रहा है। 30 किलों के एक बैग में केवल 24 किलोग्राम ही खाद निकल रहा है। खाद के नाम पर प्रदेश में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि खाद की आपूर्ति को लेकर केन्द्र सरकार पूरी तरह संवेदनशील है। इस संबंध में केन्द्र के व राज्य के अधिकारियों से चर्चा हुई है कहीं भी प्रदेश में खाद कमी नहीं है, पर्याप्त खाद होने के बाद भी प्रदेश सरकार की नीयत अच्छी नही है। सरकार सिंगल लॉक में पर्याप्त खाद पहुंचा ही नहीं रही हैं । सरकार ने समय पर निविदा ही बुलाई थी और न समय पूर्व एडवांस में खाद वितरण की कोई व्यवस्था की।
सरकारी अव्यवस्था, राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी,भारी भ्रष्टाचार के चलते ही पूरे प्रदेश के किसान खाद के लिए भटक रहे है।

Popatlal News

Sanjay Choubey Chief Editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *